टोरंटो, 12 जून। सब्स्टीट्यूट के तौर पर आए काइल लारिन ने 78वें मिनट में गोल किया। इससे को-होस्ट कनाडा ने वर्ल्ड कप में अपनी तीसरी मौजूदगी में और घरेलू मैदान पर पहली बार बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ मैच 1-1 से ड्रॉ कराकर अपना पहला पॉइंट हासिल किया।
टोरंटो के मशहूर सीएन टॉवर के साये में और “कै-ना-डा!” के नारे लगाते लाल जर्सी पहने फैंस की भीड़ के सामने जिसमें हॉकी स्टार कॉनर मैकडेविड और एक्टर रयान रेनॉल्ड्स भी शामिल थे लारिन ने गेम में आने के सिर्फ़ दो मिनट बाद ही प्रॉमिस डेविड के पास को गोल में बदल दिया।
यह वर्ल्ड कप में कनाडा का सिर्फ़ दूसरा गोल था। इससे पहले टीम 1986 में मैक्सिको और चार साल पहले कतर में हुए वर्ल्ड कप में अपने तीनों मैच हार गई थी। चोटिल खिलाड़ी की जगह खेलने आए जोवो लुकिच ने 21वें मिनट में कॉर्नर किक पर हेडर से गोल किया। बोस्निया-हर्जेगोविना 2014 में ग्रुप स्टेज से आगे न बढ़ पाने के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप में खेल रही है।
एडिन जेको (कंधे की चोट) और हारिस तबाकोविच की जगह खेलने उतरे लुकिच सही जगह पर थे। उन्होंने कप्तान सेड कोलासिनाक के हेडर (जो इवान बेसिक की कॉर्नर किक पर आया था) को गोल में बदलकर सेट पीस को पूरा किया। यह लुकिच का इंटरनेशनल मैचों में पहला गोल था और यह 27 साल के अटैकर का चौथा इंटरनेशनल मैच था।
बढ़त गंवाने के बावजूद, लगभग 30 लाख की आबादी वाला छोटा बाल्कन देश इंटरनेशनल मंच पर शानदार प्रदर्शन कर रहा है। जिसमें यूरोपियन प्लेऑफ़ में चार बार की चैंपियन इटली को बाहर करना भी शामिल है।
लारिन के गोल से पहले कनाडा को गोल करने का सबसे अच्छा मौका 54वें मिनट में मिला जब कप्तान स्टीफन यूस्टाकियो ने खाली पड़े नेट के सामने रिची लारिया को गेंद पास की। गेंद कोलासिनाक के पैर से टकराकर क्रॉसबार से जा लगी।
कनाडा अल्फोंसो डेविस (हैमस्ट्रिंग चोट) के बिना खेल रहा था, जिन्होंने चार साल पहले कतर में देश का पहला वर्ल्ड कप गोल किया था। कनाडा अब अपने आखिरी दो ग्रुप मैचों के लिए वैंकूवर जाएगा, जो 18 जून को कतर और 24 जून को स्विट्जरलैंड के खिलाफ खेले जाएंगे। बोस्नियाई टीम भी पश्चिम की ओर जाएगी, जहां वे 18 जून को लॉस एंजिल्स में स्विट्जरलैंड और 24 जून को सिएटल में कतर के खिलाफ खेलेंगे।