पाफोस (साइप्रस), 28 मार्च। 29 मार्च या रविवार से यहां शुरू हो र हे कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट 2026 में भारत की उम्मीदें एक बार फिर युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा पर टिकी हैं। लेकिन इस बार उनकी राह आसान नहीं होने वाली, क्योंकि दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ी उनके सामने चुनौती बनकर खड़े हैं।
क्या है कैंडिडेट्स टूर्नामेंट?
यह शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसमें कुल आठ खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से दो-दो बार मुकाबला करते हैं और सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विश्व चैंपियनशिप में मौजूदा चैंपियन डी गुकेश को चुनौती देने का अधिकार पायेगा।
दिग्गजों से टक्कर
इस टूर्नामेंट में अमेरिका के फैबियानो कारुआना और हिकारू नाकामुरा जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा नीदरलैंड के अनीश गिरी भी शानदार फॉर्म में हैं और किसी भी समय मुकाबले का रुख बदल सकते हैं। चीन के वेई यी, उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव और रूस के एंड्री एसेपेंको जैसे खिलाड़ी भी इस टूर्नामेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।
प्रज्ञाननंदा की फॉर्म चिंता का विषय
प्रज्ञाननंदा के लिए तैयारी पूरी तरह आसान नहीं रही है। टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट के बाद उन्होंने कोई बड़ा मुकाबला नहीं खेला है और उनकी हालिया फॉर्म में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिली है। हालांकि उन्होंने इस टूर्नामेंट के लिए खास तैयारी की है और वह तरोताजा नजर आ सकते हैं।
भारत के लिए सुनहरा मौका
अगर प्रज्ञाननंदा इस टूर्नामेंट में जीत हासिल करते हैं तो विश्व चैंपियनशिप में भारत के दो खिलाड़ियों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है जो भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा।
युवा खिलाड़ियों पर भी नजर
इस टूर्नामेंट के डार्क हॉर्स जावोखिर सिंदारोव माने जा रहे हैं, जिन्होंने पिछले साल शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया था।
महिला वर्ग भी रोमांचक
महिला वर्ग में भी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है। भारत की दिव्या देशमुख और आर वैशाली पर खास नजरें रहेंगी। वहीं चीन की टैन झोंगयी और रूस की एलेक्जेंड्रा गोरियाचकिना जैसी खिलाड़ी भी खिताब की मजबूत दावेदार हैं।