सिमडेगा (झारखंड), 30 मार्च। हॉकी इंडिया के प्रतिष्ठित जमन लाल शर्मा अमूल्य योगदान पुरस्कार 2025 से सम्मानित होकर जब हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी दिल्ली से अपने गृह जिला सिमडेगा पहुंचे तो उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।
बस से उतरते ही हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और उत्साह से भरे माहौल के बीच उन्हें बस स्टैंड से हॉकी सिमडेगा कार्यालय तक जुलूस के रूप में ले जाया गया, जहां एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान
भारत में हॉकी संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया 8वां वार्षिक पुरस्कार समारोह 2025 में मनोज कोनबेगी को उनके आजीवन योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा खडसे, कई ओलंपियन, हॉकी इंडिया के पदाधिकारी तथा भारतीय पुरुष व महिला हॉकी टीम के खिलाड़ी मौजूद रहे। मनोज कोनबेगी को यह सम्मान भारतीय हॉकी में उनके अमिट योगदान और दीर्घकालीन सेवा के लिए प्रदान किया गया।
सिमडेगा में फिर हुआ सम्मान
सिमडेगा पहुंचने के बाद झारखंड सरकार की पूर्व मंत्री बिमला प्रधान और राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की सदस्य आशा लकड़ा सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें सम्मानित किया। बिमला प्रधान ने कहा कि मनोज जी पिछले दो दशकों से निस्वार्थ भाव से हॉकी की सेवा कर रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका समर्पण अद्भुत है। आज सिमडेगा के दर्जनों खिलाड़ी भारतीय टीम में जगह बना चुके हैं और सलीमा टेटे जैसी खिलाड़ी देश की कप्तान बनी हैं, यह उनके प्रयासों का ही परिणाम है।
सिमडेगा: हॉकी की नर्सरी
राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने कहा कि सिमडेगा जैसे जनजातीय क्षेत्र में हॉकी ने न सिर्फ पहचान दिलाई है, बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। इसमें मनोज कोनबेगी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिले और राज्य के लिए गौरव
मनोज कोनबेगी को मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे सिमडेगा और झारखंड के लिए गर्व का विषय है। उनके मार्गदर्शन में उभरे खिलाड़ी आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।