नई दिल्ली, 30 मई। विनेश फोगाट एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में महिलाओं के 53 किलोवर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से 4-6 से हारकर बाहर हो गई। इस हार के साथ ही विनेश की वापसी की और जापान के आइची नागोया में इस साल के आखिर में होने वाले एशियाई खेलों में जगह बनाने की उम्मीदें भी ध्वस्त हो गई।
इससे पहले विनेश फोगाट ने बेहद आक्रामक निशु को हरा शनिवार यानी 30 मई को एशियाई खेलों के चयन ट्रायल के सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ वापसी की उम्मीदें कायम रखी थी।
पहले मुकाबले में विनेश ने ज्योति को 7-1 से पराजित किया। दूसरे मुकाबले में विनेश को निशु से कड़ी टक्कर मिली पर विनेश फोगाट ने निशु को 5-0 से मात दी। पहले ही पीरियड में चार अंक की बढ़त लेकर उन्होंने विनेश को लगभग चित ही कर दिया था लेकिन विनेश संभल गई।
ज्योति के खिलाफ मुकाबले में विनेश ने जवाबी हमले में ‘पुश प्वाइंट’ से शुरुआत की और जल्द ही दोनों टांगों पर हमला किया जिससे कोई अंक नहीं मिला। दूसरे पीरियड की शुरुआत में उन्हें क्लॉक पर रखा गया और वहीं से उन्होंने हावी होना शुरू कर दिया।
दाहिने पैर पर हमला करके उन्होंने ज्योति को नीचे गिराकर 3-0 से बढत बना ली। ज्योति ने भी उनकी टांग पर हमला किया लेकिन विनेश ने पूरी ताकत का इस्तेमाल करके उसे नाकाम कर दिया।
जवाबी हमले में विनेश ने दो फुर्तीले मूव के साथ स्कोर 7-0 कर दिया जबकि ज्योति ने एक ‘पुशआउट’ अंक बनाया।
इस बीच अंतिम पंघाल ने सिर्फ 34 सेकंड में तन्नु को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। फाइनल में अंतिम का सामना विनेश से हो सकता है। विनेश को सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से खेलना पड़ सकता है।
इससे पहले शनिवार सुबह आधिकारिक वजन-माप के दौरान घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आया जब दो बार की विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश को सूचित किया गया कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी क्योंकि उन्होंने पेरिस ओलंपिक सहित अपनी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी भार वर्ग में भाग लिया था।
विनेश ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताया और आरोप लगाया कि उन्हें अपनी पसंद के भार वर्ग में उतरने से रोककर महासंघ उनके साथ भेदभाव कर रहा है।
मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने हस्तक्षेप किया और विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल में भी भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि विनेश के आरोप लगाने के बाद हमने अधिकारियों को उनका वजन मापने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहते। उन्होंने यह नहीं बताया था कि वह किस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं, फिर भी हम उन्हें अनुमति दे रहे हैं।
इसके बाद विनेश का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल कर लिया गया। ट्रायल की तैयारी के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में विनेश ने कहा कि वह अभी कम से कम दो वर्षों तक प्रतिस्पर्धी कुश्ती जारी रखने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा कि मैं यहां कम से कम दो साल तक रहूंगी।
यह फैसला डब्ल्यूएफआई के लिए अपने पूर्व रुख से पीछे हटने जैसा माना जा रहा है। महासंघ अब तक यही कहता रहा था कि हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने और भार वर्ग परिवर्तन की औपचारिक सूचना न देने के कारण विनेश पर केवल उसी श्रेणी में विचार किया जाएगा।
यह मामला पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ था। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने डब्ल्यूएफआई को निर्देश दिया था कि विनेश को एक ‘प्रतिष्ठित खिलाड़ी’ के रूप में मान्यता देते हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
विनेश हालांकि अपने करियर में 53 किलोग्राम सहित कई भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं और वह ट्रायल में इसी वर्ग में भाग लेना चाहती थी। ट्रायल के विजेता को इस वर्ष आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।