नई दिल्ली, 12 अप्रैल: राजस्थान रॉयल्स एक बार फिर विवादों में घिर गई है। टीम के मैनेजर रोमी भिंडर आईपीएल मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
डगआउट में फोन इस्तेमाल बना विवाद
आईपीएल के प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (पीएमओए) प्रोटोकॉल के तहत डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में रोमी भिंडर का यह कृत्य नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
बीसीसीआई ने लिया सख्त संज्ञान
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और वीडियो व अन्य सबूतों के आधार पर ही फैसला लिया जाएगा।
सूर्यवंशी भी कैमरे में कैद
घटना के दौरान युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी भी मैनेजर के मोबाइल स्क्रीन की ओर देखते नजर आए। यह दृश्य लाइव प्रसारण में कैद हुआ, जिससे विवाद और बढ़ गया।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
बीसीसीआई के अधिकारियों के अनुसार, यह पीएमओए प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। मामले में चेतावनी से लेकर मैच बैन तक की सजा दी जा सकती है। अंतिम निर्णय मैच रेफरी और एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
क्यों जमा कराए जाते हैं मोबाइल?
आईपीएल में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैच शुरू होने से पहले अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जमा करने होते हैं। इसका उद्देश्य मैच के दौरान बाहरी संपर्क को रोकना और खेल की पारदर्शिता बनाए रखना है।
ललित मोदी ने उठाए सवाल
आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की है और एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में मैच रेफरी की रिपोर्ट का इंतजार है। उसी के आधार पर आईपीएल गवर्निंग काउंसिल आगे का फैसला लेगी।