पटना, 27 मई। मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास समेत परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए बिहार सरकार के खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल की अध्यक्षता में तथा जिला पदाधिकारी, पटना त्यागराजन एवं नगर पुलिस अधीक्षक (सेंट्रल) सुश्री दीक्षा की उपस्थिति में आज विकास भवन, पटना में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बिहार क्रिकेट संघ, पटना मेट्रो परियोजना तथा भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र, पटना के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य विषय मोइनुल हक स्टेडियम से संबंधित विभिन्न लंबित एवं आवश्यक विषयों की समीक्षा करना था।
बैठक में बिहार क्रिकेट संघ द्वारा मोइनुल हक स्टेडियम से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बिहार क्रिकेट संघ ने स्टेडियम के विकास एवं निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए लगभग तीन वर्ष की समय-सीमा निर्धारित किए जाने की जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त खेल सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने बिहार क्रिकेट संघ को भविष्य में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी को ध्यान में रखते हुए अग्रिम रूप से भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि स्टेडियम की पूर्ण क्षमता लगभग 40, 000 दर्शकों की होगी, इसलिए सभी व्यवस्थाओं की योजना उसी अनुरूप बनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मोइनुल हक स्टेडियम राज्य की सबसे महत्वपूर्ण खेल अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है तथा इसके संचालन एवं आयोजन प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक होगा।
स्टेडियम परिसर में वर्तमान में संचालित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में बिहार सरकार एवं साई के बीच एक नया समझौता ज्ञापन किए जाने पर सहमति बनी। साई केंद्र से जुड़े 42 खिलाड़ियों/विद्यार्थियों को पटना में ही अन्य उपयुक्त खेल सुविधाओं में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनके प्रशिक्षण एवं खेल गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
बैठक में परिसर को खाली कराने से संबंधित विभिन्न विषयों की भी समीक्षा की गई। पटना मेट्रो परियोजना के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उनके उपकरणों को स्टेडियम परिसर से हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा संबंधित क्षेत्र बिहार क्रिकेट संघ को उपलब्ध करा दिया गया है।
मोइनुल हक स्टेडियम परिसर में संचालित थाना को भी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। इस संबंध में जिला पदाधिकारी, पटना त्यागराजन ने जानकारी दी कि थाना के स्थायी स्थानांतरण को स्वीकृति एवं प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।
साथ ही परिसर खाली कराने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी ताकि थाना को अंतरिम रूप से स्थानांतरित किया जा सके और बिहार क्रिकेट संघ स्टेडियम परिसर में विध्वंस कार्य एवं आगे की विकास प्रक्रिया प्रारंभ कर सके।
खेल सचिव ने खेल विभाग के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को स्थल का दौरा करने का निर्देश भी दिया ताकि परिसर खाली कराने की प्रक्रिया की प्राथमिकता के आधार पर निगरानी सुनिश्चित की जा सके तथा सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्रवाई की जा सके।
बैठक में सभी संबंधित पक्षों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए मोइनुल हक स्टेडियम के विकास एवं खेल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार इस परियोजना को बिहार की प्रमुख खेल अवसंरचना पहलों में से एक के रूप में आगे बढ़ा रही है, जिससे भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।