भारतीय मूल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी निशेश बसावारेड्डी ने अपने रोलैंड-गैरोस डेब्यू पर वर्ल्ड नंबर 8 टेलर फ्रिट्ज़ को चार सेटों में हराकर अपने युवा कैरियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की और सुर्खियों में आ गए।
21 वर्षीय वाइल्डकार्ड खिलाड़ी ने शुरुआती दौर में फ्रिट्ज़ को 7-6(5), 7-6(5), 6-7(9), 6-1 से हराकर टॉप 10 खिलाड़ी के खिलाफ अपने कैरियर की पहली जीत और अपने ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रॉ की दूसरी जीत दर्ज की।
इस उलटफेर ने तुरंत बसावारेड्डी को फ्रेंच ओपन की सबसे चर्चित कहानियों में से एक बना दिया, खासकर भारतीय टेनिस प्रशंसकों के बीच क्योंकि उनके पारिवारिक मूल आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से जुड़े हैं।
बसावारेड्डी का जन्म संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ था, लेकिन उनके मूल आंध्र प्रदेश से जुड़ा हैड़े हैं। यह अमेरिकी खिलाड़ी एक तेलुगू परिवार से आते हैं, जिनके मूल आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में हैं। बसावारेड्डी का जन्म न्यूपोर्ट बीच, कैलिफ़ोर्निया में साई प्रसन्ना और मुरलीकृष्ण बसावारेड्डी के यहां हुआ था। उनके माता-पिता 1999 में नेल्लोर, भारत छोड़कर संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए थे। अपने शुरुआती वर्षों में उन्होंने टेनिस की ट्रेनिंग लेना शुरू किया और कार्मेल हाई स्कूल से पढ़ाई पूरी की।
बसावारेड्डी ने बड़े नामों वाले खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग ली। पूर्व डबल्स वर्ल्ड नंबर 1 राजीव राम से ट्रेनिंग लेने के अलावा जो अभी भी उनके मेंटर के तौर पर काम कर रहे हैं, बसावरेड्डी ने कोच ब्रायन स्मिथ के अंडर भी ट्रेनिंग ली। दस साल से भी ज़्यादा समय से राम जो चार बार के मेजर डबल्स चैंपियन और पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 हैं – बसावरेड्डी के कोच रहे हैं। उनके कॉमन इंस्ट्रक्टर, स्मिथ ने एक टेनिस कैंप चलाया था जहाँ वे पहली बार मिले थे। 40 साल के राम ने अपने कैरियर में 31 टाइटल जीते हैं, जिससे वे अपनी पीढ़ी के सबसे सफल डबल्स खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं।
बसावरेड्डी एक शानदार जूनियर करियर के बाद वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुँच गए। बदकिस्मती से उनकी ऊँचाइयों का सफर सर्जरी की वजह से छोटा हो गया। बसावरेड्डी की घुटने की सर्जरी हुई, जिससे उनकी तरक्की में कुछ समय के लिए रुकावट आ गई, जिसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस और स्किल वापस हासिल कर ली।
प्रो खिलाड़ी बनने से पहले बसावरेड्डी ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिए खेला जो देश के टॉप कॉलेजिएट टेनिस प्रोग्राम में से एक है। बसावरेड्डी ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। उन्हें ITA ऑल-अमेरिकन के तौर पर चुना गया और 2022–2023 सीज़न में एक फ्रेशमैन के तौर पर उन्होंने ITA फॉल नेशनल चैंपियनशिप जीती।
ATP टूर में पूरी तरह से जाने से पहले उन्हें NCAA टेनिस में सबसे होनहार खिलाड़ियों में से एक माना जाता था। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने कॉलेज जाने के बजाय प्रो बनने का फैसला किया। 2024 के आखिर में उन्हें चैलेंजर सर्किट पर बड़ी सफलता मिली। सितंबर से अब तक पाँच फाइनल में से उन्होंने दो टाइटल जीते।
ATP Finals 2023 में बसावरेड्डी का पहला प्रो टूर। पहली बार 2025 में टेनिस की दुनिया के सितारों – जोकोविच, सिनर और अल्काराज़ – के साथ खेला, लेकिन बसावरेड्डी के लिए यह प्रो टूर का पहला अनुभव नहीं था।
ATP Finals 2023 में वे उनके काफी करीब थे। इस युवा अमेरिकी खिलाड़ी को साल के आखिर में होने वाली चैंपियनशिप में एक स्पैरिंग पार्टनर के तौर पर हिस्सा लेने का मौका मिला।
बसावारेड्डी के लिए सबसे बड़े आदर्श जुआन मार्टिन डेल पोट्रो हैं। डेल पोट्रो ने अपने करियर की शुरुआत से ही कई शारीरिक समस्याओं से जूझने के बावजूद अपना नाम बनाया। उनकी शारीरिक क्षमता आखिरकार उनकी ज़बरदस्त लगन की वजह से एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गई, जिसने उन्हें कई जीतें दिलाने में मदद की।
2024 का सीज़न। चार अन्य चैलेंजर इवेंट्स में दूसरा स्थान हासिल करने के अलावा, बसावारेड्डी ने प्यूर्टो वालार्टा और टिबुरॉन में चैलेंजर खिताब भी जीते।
LTP मेन्स ओपन के फाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करने और टिबुरॉन में अपना पहला चैलेंजर खिताब जीतने के बाद वह सितंबर 2024 में टॉप 200 खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
बसावारेड्डी ने जेद्दा में होने वाले 2024 नेक्स्ट जेन ATP फाइनल्स के लिए क्वालिफ़ाई किया जहाँ उन्होंने चीन के जुनचेंग शांग को हराकर अपनी पहली ATP-स्तर की जीत दर्ज की। इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़ाई करने के बाद उन्होंने घोषणा की कि वह अपनी NCAA पात्रता समाप्त कर रहे हैं और अब एक पेशेवर खिलाड़ी बनने जा रहे हैं।
वाइल्डकार्ड एंट्री का इस्तेमाल करते हुए बसावारेड्डी ने 2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपना ग्रैंड स्लैम डेब्यू किया और पहले राउंड में नोवाक जोकोविच को कड़ी टक्कर दी। भारतीय मूल के इस युवा खिलाड़ी की 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन के खिलाफ उनकी निडर परफॉर्मेंस के लिए खूब तारीफ हुई। उन्होंने पहला सेट जीता, लेकिन आखिर में चार सेटों में हार गए।
इस समय जोकोविच कहा था कि मैं उनसे बहुत प्रभावित हुआ। मुझे लगता है कि पूरा स्टेडियम सचमुच प्रभावित था। उन्होंने कहा कि ग्रैंड स्लैम में अपने डेब्यू मैच में पहली बार किसी बड़े कोर्ट पर उतरकर,जिस तरह से उन्होंने खेला, उसका पूरा श्रेय उन्हें जाता है। बहुत बढ़िया। मुझे यकीन है कि अगर वह इसी तरह आगे बढ़ते रहे-वह अभी बहुत युवा हैं। तो भविष्य में हम उन्हें काफी बार खेलते हुए देखेंगे।
बसावारेड्डी जून 2025 में विंबलडन से पहले ATP टॉप 100 में शामिल हो गए, और उसी सीज़न में बाद में उन्होंने US ओपन के मुख्य इवेंट में भी हिस्सा लिया। इसके बाद, उन्होंने 2026 में USTA का रोलैंड गैरोस वाइल्ड कार्ड चैलेंज जीता, जिससे उन्हें फ्रेंच ओपन में वाइल्डकार्ड एंट्री मिल गई। पेरिस में टेलर फ्रिट्ज़ पर उनकी जीत से उम्मीद है कि ATP टूर में उनकी रैंकिंग में और तेज़ी से सुधार होगा।