नईदिल्ली, 26 अप्रैल। लगभग दो साल तक भारतीय टीम से बाहर रहने पर स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज निराश होने की बजाए अपने प्रदर्शन पर ध्यान दिया और यह हासिल किया उन्होंने घरेलू क्रिकेट खेल कर। यह बातें ईशान किशन ने आईपीएल में शनिवार यानी 25 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मैच में मिली जीत के बाद कहीं। ईशान किशन ने इस मैच में 74 रन की पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच मैच भी बने।
आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले ईशान किशन ने जिओहॉटस्टार से बातचीत में कहा कि जब मैं भारतीय टीम से बाहर था तो मैंने खुद से कहा कि मैं इसको लेकर रोना नहीं रो सकता या उसके लिए किसी को कोस नहीं सकता। किसी भी खिलाड़ी के आम होती है। इससे कुछ लोगों की सहानुभूति मिल जाए, शायद आपको अच्छा भी लगे, लेकिन इससे कुछ हासिल नहीं होगा।
उन्होंने कहाकि मेरे लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी करने का एकमात्र तरीका रन बनाना था। मैं बस अपने खेल में सुधार करना चाहता था और जितना हो सके उतने रन बनाना चाहता था, भले ही इसका मतलब किसी भी अन्य बल्लेबाज से ज्यादा छक्के लगाना हो।
ईशान किशन ने कहा कि राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के दौरान मैंने खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बढ़ाया और इसी लगन ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि लगातार रन बनाने से ही आप टीम में वापसी कर सकते हैं। यदि एक सत्र में 300 रन काफी नहीं हैं तो 400 रन बनाएं। अगर यह भी काफी नहीं है तो 500 रन बनाएं। आखिर क्रिकेट ही हमारी रोजी-रोटी है।
उन्होंने कहा कि जब आप टीम से बाहर होते हैं तो आपको इसकी अहमियत समझ आती है और आप हर मैच का सम्मान करने लगते हैं। आपके अंदर अच्छा प्रदर्शन करने और जीत हासिल करने की ललक जाग उठती है। मेरा भी यही लक्ष्य था कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं। उन्होंने कहा कि तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने से उन्हें पारी को गति देने और आखिर तक बल्लेबाजी करने का आत्मविश्वास मिला है।