Wednesday, May 20, 2026
Home झारखंडक्रिकेट झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन व एचईसी लिमिटेड के बीच ऐतिहासिक समझौता

झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन व एचईसी लिमिटेड के बीच ऐतिहासिक समझौता

by Khel Dhaba
0 comment

25 जून 2022 शनिवार को पुनः एच०ई०सी०और जेएससीए के बीच एक एग्रीमेंट हस्ताक्षर हो गया है जिससे भविष्य में किसी तरह की कोई कठिनाई उत्पन्न न हो।
आज के इस एग्रीमेंट के बाद एच०ई०सी० और जेएससीए के बीच चल रहे सभी विवाद स्वत: खत्म हो जाएगा। इस विवाद से सम्बंधित जितने भी मामले कोर्ट में लंबित है दोनों पक्षों द्वारा न्यायालय में हल्फनामा देकर उसे वापस ले लिया जाएगा। इस बीच एच०ई०सी० का जो भी बकाया राशि जेएससीए के पास विवाद के कारण लम्बित था उसका भुगतान एच०ई०सी० के अनुरोध पर जेएससीए द्वारा कर दिया गया है।

इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में एच०ई०सी० के निदेशक मंडली और जेएससीए कमिटी ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों के योगदान के साथ – साथ श्री एम०के०सक्सेना, निदेशक कार्मिक सह कार्यकारी प्रबंध निदेशक,एच०ई०सी० एवं श्री अमिताभ चौधरी पूर्व अध्यक्ष, झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन का अहम योगदान रहा और जिसके परिणामस्वरूप आज यह ऐतिहासिक कार्य सम्पन्न हो रहा है।

टाटा स्टील जमशेदपुर के असहयोगात्मक रवैया के कारण राज्य के एकमात्र कीनन स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन न होने देने के कारण पूरे विश्व में राज्य की छवि ख़राब हो रही थी। राज्य की छवि ख़राब होते देख झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष श्री अमिताभ चौधरी के नेतृत्व वाली कमिटी ऑफ मैनेजमेंट ने राज्य की छवि ख़राब न हो इसके लिए यह निर्णय लिया कि जेएससीए को अविलंब एक अपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करना चाहिए।
इसके लिए कमिटी ऑफ मैनेजमेंट ने श्री अमिताभ चौधरी को अधिकृत करते हुए उनसे अनुरोध किया कि स्टेडियम निर्माण का कार्य यथाशीघ्र शुरू हो इसके लिए आप अपने स्तर से जमीन की खोज करें और जहां आपको उचित जमीन उपलब्ध हो जाए वहां स्टेडियम निर्माण कार्य शुरू करवा दें।काम बहुत कठिन था एक जगह 25 से 30 एकड़ जमीन खोजना था।फिर भी मैनेजमेंट कमिटी के निर्णय के पश्चात् श्री अमिताभ चौधरी ने जमीन के लिए रांची, जमशेदपुर के साथ साथ झारखंड के दूसरे शहरो में भी स्टेडियम निर्माण हेतु जमीन के लिए प्रयास शुरू कर दिए। श्री चौधरी को जमीन ढुढने में लगभग एक साल से भी अधिक समय लगा।

एच०ई०सी० क्षेत्र में भी काफी खाली जमीन थी।एच०ई०सी० अपने खाली पड़े जमीनों को लीज पर देना प्रारंभ कर दी थी। श्री अमिताभ चौधरी ने एच०ई०सी० के तत्कालीन मुख्य नगर प्रशासक स्व० विनय कुमार सिंह जो जेएससीए के आजीवन सदस्य थे के द्वारा तत्कालीन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक स्व०जी०के०पिल्लै को स्टेडियम निर्माण हेतु एच०ई०सी० परिसर में जमीन उपलब्ध करवाने के लिए जेएससीए की ओर से एक प्रस्ताव भेजा गया।स्व० पिल्लै ने जेएससीए के प्रस्ताव को गम्भीरता से लेते हुए जमीन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया और विभागीय स्तर पर भी इसके लिए कारवाई शुरू करने के लिए मुख्य नगर प्रशासक को निर्देश दिया।

लेकिन इसी बीच रांची के कुछ लोगों को यह बात नागवार लगी और एच०ई०सी० परिसर मे स्टेडियम का निर्माण न हो इसके लिए एच०ई०सी०प्रशासन पर अपने पद के प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए दबाव ही नहीं बनाए बल्कि रजिस्ट्रेशन विभाग के माध्यम से भी कई अड़चनें उत्पन्न कराने लगे।एक समय ऐसा लगने लगा कि शायद अब स्टेडियम निर्माण हेतु एच०ई०सी० परिसर में जमीन उपलब्ध नहीं हो पाएगा। लेकिन श्री अमिताभ चौधरी और स्व० जी०के०पिल्लै ने लाख बाधाओं के बाबजूद अपना प्रयास नहीं छोड़े। विरोधियों के इस कुकृत के कारण मामला झारखंड उच्च न्यायालय में चला गया।झारखंड सरकार को भी अपना पक्ष न्यायालय में रखने का उच्च न्यायालय का निर्देश हुआ। माननीय मुख्यमंत्री श्री शिबू सोरेन जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने स्टेडियम निर्माण हेतु एच०ई०सी० परिसर में जेएससीए को जमीन मिले इसके पक्ष में झारखंड उच्च न्यायालय में अपना हल्फनामा दायर किया।

अंततः सभी पक्षों के बातों को सुनने और एच०ई०सी०के वर्तमान आर्थिक स्थिति को ध्यान को देखते हुए माननीय न्यायालय ने एच०ई०सी० को स्टेडियम निर्माण हेतु जेएससीए को जमीन देने के लिए आदेश पारित किया। उच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद सभी बाधाएं समाप्त हो गई और झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन और एच०ई०सी० लिमिटेड के बीच अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण हेतु जमीन हस्तांतरित करने सम्बंधित ऐतिहासिक समझौता 25 जून 2006 को सम्पन्न हुआ।एच०ई०सी० ने झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को अपने परिसर में 31.7 एकड़ जमीन उपलब्ध करवा दिया। जमीन उपलब्ध होते ही तत्कालीन मुख्यमंत्री माननीय श्री शिबू सोरेन(गुरु जी) द्वारा स्टेडियम निर्माण हेतु शिलान्यास का कार्य 24 अक्टूबर ‘2008 को सम्पन्न हुआ।मात्र तीन साल तीन महीने के ऐतिहासिक अवधि में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनकर तैयार हो गया।साथ ही साथ पूरे देश में सबसे तेज और कम समय में बनकर तैयार होने वाला देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम बनने का गौरव प्राप्त हुआ।

18 जनवरी 2013 को स्टेडियम का विधिवत उद्घाटन सम्पन्न हुआ। उद्घाटन के दूसरे ही दिन 19 जनवरी 2013 को इस नवनिर्मित स्टेडियम मे पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच का सफलतापूर्वक आयोजन सम्पन्न हुआ।इस एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के आयोजन के बाद पुरे विश्व के मानचित्र पर रांची का नाम अंकित हो गया। क्रिकेट के अलावें इस परिसर में टेनिस, स्विमिंग, बैडमिंटन, स्क्वाश आदि खेलों के संरचनाओं का भी निर्माण किया गया।इस परिसर में एक राष्ट्रीय स्तर के क्लब हाउस का भी निर्माण किया गया।

पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के सफल आयोजन के बाद इस स्टेडियम मे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन का तांता सा लग गया।

सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन इसी बीच एच०ई०सी० मैनेजमेंट के कुछ अधिकारी कुछ वैसे लोग जो पहले भी स्टेडियम निर्माण के खिलाफ थे के प्रभाव में आ गये और लीज एग्रीमेंट का ग़लत तरीके से व्याख्या करने लगे।जिसके परिणामस्वरूप कुछ मुद्दों पर एच०ई०सी० और जेएससीए के बीच अनावश्यक रुप से विवाद शुरू हो गया और मामला एच०ई०सी० के पी०पी० कोर्ट में चलने लगा। 4 जूलाई 2015 को पी०पी० कोर्ट स्टेडियम निर्माण हेतु जेएससीए को आवंटित जमीन का लीज माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के 20 जून 2008 के निर्णय के बाबजूद रद्द करने का आदेश पारित कर दिया।पी०पी० कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ जेएससीए को माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के शरण में जाना पड़ा और माननीय उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात् पी०पी० कोर्ट के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दिया।

झारखंड उच्च न्यायालय में मामला लंबित रहते हुए भी झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन और एच०ई०सी० मैनेजमेंट के कुछ साकारात्मक मानसिकता के पदाधिकारियों के बीच आपसी सहमति बनाकर इस विवाद को खत्म करने का प्रयास चलता रहा।लेकिन किसी न किसी कारण से इसमे सफलता नहीं मिल पा रही थी।फिर भी दोनों पक्षों की ओर से प्रयास जारी रहा। जिसके परिणामस्वरूप आज हम इस मुकाम तक पहुंच सके हैं कि बर्षो से जो लीज से सम्बंधित विवाद चल रहा था उसका आज कोर्ट के बाहर पटाक्षेप होने जा रहा है। आज का दिन भी इस स्टेडियम के लिए दुसरे ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाएगा।

You may also like

Leave a Comment

खेलढाबा.कॉम

खेलढाबा.कॉम, खेल पत्रकार की सोच और बहुत सारे खेल प्रेमियों के सुझाव व साथ का परिणाम है। बड़े निवेश की खेल वेबसाइट्स की भीड़ में खेलढाबा.कॉम के अलग होने की यह भी एक बड़ी वजह है। तो, जिले-कस्बों से बड़े आयोजनों तक की कवरेज के लिए जुड़े रहें खेलढाबा.कॉम से।

Newsletter

Laest News

@2025 – All Right Reserved.

Verified by MonsterInsights