पटना, 19 मई। बिहार फुटबॉल संघ (बीएफए) में चल रहा आंतरिक विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। संघ के अध्यक्ष प्रसन्नजीत मेहता ने कड़ा रुख अपनाते हुए संघ के सचिव सैयद इम्तियाज हुसैन को तत्काल प्रभाव से सचिव पद से हटाते हुए उनकी सदस्यता भी समाप्त करने का आदेश निर्गत कर दिया है।
सचिव पर अध्यक्ष व संघ के नियमों के उल्लंघन का आरोप
अध्यक्ष प्रसन्नजीत मेहता द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 17 मई को सचिव सैयद इम्तियाज हुसैन को शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। शोकॉज के लिए जारी पत्र में कहा गया था कि सचिव सैयद इम्तियाज हुसैन ने अध्यक्ष के निर्देशों का उल्लंघन और बिहार फुटबॉल एसोसिएशन के नियमों की अनदेखी करते हुए 17 मई को बेगूसराय में संघ की बैठक बुलाई जो गलत था। इसके बाद संघ के अध्यक्ष प्रसन्नजीत मेहता ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा था पर निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद अध्यक्ष प्रसन्नजीत मेहता ने उन्हें हटाने और सदस्यता समाप्त करने का आदेश निर्गत किया। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सचिव की कार्रवाई बिहार फुटबॉल संघ के संविधान और नियमों के खिलाफ है तथा इससे अध्यक्ष पद की गरिमा और अधिकार प्रभावित हुए हैं। अध्यक्ष प्रसेंजीत मेहता ने अपने आदेश में कहा है कि संघ की अखंडता बनाए रखने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस आदेश को 24 मई 2026 को प्रस्तावित ईओजीएम (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
क्या हुआ था 17 मई की सचिव द्वारा बुलाई गई बैठक
सचिव द्वारा प्रेस रिलीज में कहा गया था कि बिहार फुटबॉल एसोसिएशन केअध्यक्ष प्रसन्नजीत मेहता ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसकेबाद सदन ने सर्वसम्मति से एसोसिएशन केवरिष्ठ उपाध्यक्ष रविन्द्र प्रसाद सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था। इस बैठक के दौरान पूर्वी चंपारण फुटबॉल के सचिव प्रभाकर जायसवाल के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया गया। सदन में आरोप लगाया गया कि प्रभाकर जायसवाल ने एसोसिएशन के लेटरहेड और लिफाफे का गलत उपयोग करते हुए स्वयं को एसोसिएशन का उपाध्यक्ष बताकर विभिन्न जिलों को पत्र भेजे और बैठक बुलाने का प्रयास किया। इसे संगठन विरोधी गतिविधि करार देते हुए उनकेखिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई थी। हाउस ने इस मामले को अनुशासन समिति को सौंपते हुए जल्द निर्णय लेने की बात कही। बैठक में यह भी तय किया गया कि बिहार फुटबॉल एसोसिएशन के बायलॉज को राष्ट्रीय खेल विधेयक केअनुरूप अनुमोदन केलिए भेजने हेतु एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
बेगूसराय की बैठक के बाद अध्यक्ष का कड़ा रुख
बेगूसराय में सचिव सैदय इम्तियाज हुसैन द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद प्रसनजीत मेहता ने बड़ा कदम उठाते हुए कई जिला संघों के सचिवों को निलंबित कर दिया था, जबकि संघ के मानद सचिव सैयद इम्तियाज हुसैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अध्यक्ष की ओर कहा गया था कि यह बैठक 26 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बुलाया गया है जोकि संविधान के विपरीत है। निलंबित किए गए जिला सचिवों सचिवों पश्चिम चंपारण के इंतेसार हक, रोहतास के नौशाद आलम, सीवान के उमाशंकर प्रसाद, अररिया के मोसोम राजा, गया के खातिब अहमद, बेगूसराय के मनोज कुमार शर्मा, वैशाली के रवींद्र कुमार सिंह, सहरसा के अशफाक आलम, सुपौल के सुमन कुमार सिंह और नालंदा के सरवर हुसैन शामिल हैं। अध्यक्ष ने अपने आदेश में कहा है कि निलंबन अवधि के दौरान ये पदाधिकारी अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सकेंगे। इस मामले को 24 मई को प्रस्तावित असाधारण आम सभा में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
क्या होना है 24 मई की बैठक में
24 मई को पटना में बीएफए की असाधारण आम बैठक बुलाई गई है, जिसमें मौजूदा पदाधिकारियों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और नए पदाधिकारियों के चयन की प्रक्रिया शुरू करने का एजेंडा तय किया गया है। अध्यक्ष प्रसनजीत मेहता के 26 अप्रैल के पत्र के आधार पर बुलाई गई इस बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य कारणों से उनकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष प्रभाकर जायसवाल करेंगे। बैठक में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सहायक सचिव समेत नए पदाधिकारियों के चयन पर चर्चा होगी। साथ ही एआईएफएफ के संविधान/बायलॉज को अपनाने, 26 दिसंबर से पहले चुनाव कराने और तब तक 7 सदस्यीय अस्थायी समिति द्वारा संघ के कार्य संचालन का प्रस्ताव रखा गया है। सचिव को 45 दिनों तक किसी भी बैठक बुलाने से रोकने और जिला इकाइयों में स्टेटस-क्वो बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया है।