लास एंजिल्स, 13 जून। फोलारिन बालोगुन ने अमेरिकियों के ऐतिहासिक तीन-गोल वाले पहले हाफ में दो गोल किए। अमेरिका ने 32 साल में अपने पहले घरेलू वर्ल्ड कप की शुरुआत टूर्नामेंट में अपनी सबसे बड़ी जीत के साथ की और भारतीय समयानुसार शनिवार की सुबह उन्होंने पैराग्वे को 4-1 से हराया।
क्रिश्चियन पुलिसिक ने अमेरिकियों के लिए पहले हाफ में शानदार प्लेमेकिंग प्रदर्शन करते हुए एक असिस्ट किया। टीम ने आक्रामक हमले से दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के प्रशंसकों का दिल जीत लिया और हाफ-टाइम तक 3-0 की बढ़त बना ली जो किसी भी वर्ल्ड कप मैच में टीम की सबसे बड़ी बढ़त थी।
जियो रेना ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आखिरी पलों में एक और गोल किया, जिससे अमेरिका ने पहली बार वर्ल्ड कप मैच में चार गोल किए।
चार साल पहले कतर वर्ल्ड कप में अमेरिका ने अपने चार मैचों में कुल मिलाकर केवल तीन गोल किए थे और इससे पहले कभी भी वर्ल्ड कप मैच में तीन से ज़्यादा गोल नहीं किए थे। लेकिन नए कोच मौरिसियो पोचेटिनो के ज़्यादा क्रिएटिव सिस्टम में खेलते हुए अमेरिकी टीम बिल्कुल बदली हुई नज़र आई। यह मैच लॉस एंजिल्स में 70,492 उत्साही और मशहूर हस्तियों से भरी भीड़ के सामने खेला गया।
मौरिसियो ने पैराग्वे के लिए दूसरे हाफ में गोल किया, लेकिन 16 साल में अपने पहले वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत में ही ‘ला अल्बिरोजा’ (पराग्वे की टीम) बहुत पीछे रह गई।
पुलिसिक की प्लेमेकिंग से बने शुरुआती ‘ओन-गोल’ (अपनी ही टीम के खिलाड़ी द्वारा किया गया गोल) से अमेरिका के आगे होने के बाद बालोगुन ने 31वें मिनट में और फिर पहले हाफ़ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में गोल किया।
न्यूयॉर्क में जन्मे और लंदन में पले-बढ़े इस स्ट्राइकर ने वर्ल्ड कप में अपना डेब्यू किया और 1930 के बाद से टूर्नामेंट में यूएसए के किसी खिलाड़ी का पहला ‘मल्टी-गोल’ (एक से ज़्यादा गोल करने वाला) प्रदर्शन किया। बालोगुन ने तीन साल पहले इंग्लैंड में रहने की बजाए यूएसए का प्रतिनिधित्व करने का फ़ैसला किया था, जहाँ ‘थ्री लायंस’ (इंग्लैंड की टीम) की टीम में जगह बनाना उनके लिए मुश्किल हो सकता था। 24 साल के मोनाको प्रोफ़ेशनल खिलाड़ी ने तेज़ी से उस टॉप-लेवल स्ट्राइकर का खेल दिखाया है जिसकी यूएसए की टीमों में ऐतिहासिक रूप से कमी रही है।