Wednesday, June 17, 2026
Home Latest क्यों दो बार के ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियन विक्टर एक्सेलसन ने बैडमिंटन को अलविदा कहा?, जानें वजह

क्यों दो बार के ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियन विक्टर एक्सेलसन ने बैडमिंटन को अलविदा कहा?, जानें वजह

मात्र 32 साल के उम्र में संन्यास की घोषणा कर सबकों चौंकाया

by Khel Dhaba
0 comment

स्वेज प्रिया

दो बार के ओलंपिक चैंपियन रह चुके डेनमार्क के शटलर विक्टर एक्सेलसन ने पीठ की गंभीर चोट के कारण 32 वर्ष की उम्र में बैडमिंटन से संन्यास की घोषणा कर दी। अपने शानदार करियर में उन्होंने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप समेत कई बड़े खिताब अपने नाम किए और लंबे समय तक विश्व नंबर एक खिलाड़ी बने रहे। एक्सेलसन ने आखिरी बार अक्टूबर 2025 में फ्रेंच ओपन में हिस्सा लिया था। उनका अंतिम बड़ा खिताब पिछले साल इंडिया ओपन में आया था, जिसके बाद से वह लगातार पीठ की चोट से परेशान रहे।

चोट बनी कैरियर खत्म होने की वजह

विक्टर एक्सेलसन ने अपने संन्यास की वजह बताते हुए कहा कि अब उनका शरीर उनका साथ नहीं दे रहा है। उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए यह घोषणा करते हुए लिखा कि वह लंबे समय से पीठ की समस्या से परेशान हैं। पिछले साल अप्रैल में उनकी सर्जरी हुई थी, जिसके बाद लंबा रिहैब चला, लेकिन अक्टूबर में उन्हें फिर से चोट का झटका लगा। इसके बाद से वह उस स्तर पर न तो खेल पा रहे हैं और न ही ट्रेनिंग कर पा रहे हैं, जिसकी जरूरत होती है। लगातार दर्द के चलते उन्हें यह कठिन फैसला लेना पड़ा।


एक्सेलसन ने बताया कि यह निर्णय उन्होंने डॉक्टरों और सर्जनों की सलाह के बाद लिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने डॉक्टरों से बातचीत के बाद ही यह कदम उठाया है। उनका मानना है कि जिस तरह का दर्द मैं अभी झेल रहा हूं, उसमें दोबारा सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। यदि वह सफल नहीं होती, तो और भी ऑपरेशन करना पड़ सकता है। ऐसे में मेरे लिए उस स्तर पर खेल पाना मुश्किल होगा। मेरा शरीर खुद मुझे रुकने का संकेत दे रहा है और मुझे डॉक्टरों की सलाह का पालन करना होगा।

विक्टर एक्सेलसन का कैरियर

विक्टर एक्सेलसन ने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का दम दिखा दिया था। 2010 में उन्होंने बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा और यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले यूरोपीय खिलाड़ी बने। उसी वर्ष उन्होंने सीनियर स्तर पर कदम रखा किया और साइप्रस इंटरनेशनल खिताब जीतकर अपने करियर की शानदार शुरुआत की।

2014 में विक्टर एक्सेलसन ने स्विस ओपन ग्रां प्री गोल्ड जीतकर अपनी पहचान को और मजबूत किया। इसी साल उन्होंने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी अपने नाम किया। 2016 में उन्होंने इतिहास रचते हुए बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपरसीरीज फाइनल्स में पुरुष एकल खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले यूरोपीय खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया।

विक्टर एक्सेलसन का ओलंपिक सफर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक में दिग्गज लिन डैन को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके बाद टोक्यो 2020 ओलंपिक में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वहीं, 2024 पेरिस ओलंपिक में भी उन्होंने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया।

टोक्यो ओलंपिक में मिली यह जीत उनके करियर का सबसे अहम पड़ाव मानी जाती है, जिसने उन्हें बैडमिंटन का सुपरस्टार बना दिया। इसके अलावा, वह 2017 (ग्लासगो) और 2022 (टोक्यो) में विश्व चैंपियन भी बन चुके हैं।

विक्टर लंबे समय तक दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी रहे। अक्टूबर 2023 में उन्होंने लगातार 100 हफ्तों तक शीर्ष रैंकिंग पर बने रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इसके अलावा, उन्होंने दो विश्व चैंपियनशिप, तीन यूरोपीय चैंपियनशिप और थॉमस कप जैसे कई प्रमुख खिताब जीतकर अपने करियर को और भी अधिक सफल और यादगार बनाया।

विक्टर एक्सेलसन का संन्यास बैडमिंटन के एक दौर के समाप्त होने जैसा माना जा रहा है। उनकी फिटनेस, तकनीक और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें आधुनिक युग के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल कर दिया था। उनके जाने से पुरुष एकल वर्ग में एक बड़ा खालीपन बन गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। बैडमिंटन इतिहास में विक्टर एक्सेलसन का नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा, और उनका सफर भविष्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा की एक मिसाल बना रहेगा।

You may also like

Leave a Comment

खेलढाबा.कॉम

खेलढाबा.कॉम, खेल पत्रकार की सोच और बहुत सारे खेल प्रेमियों के सुझाव व साथ का परिणाम है। बड़े निवेश की खेल वेबसाइट्स की भीड़ में खेलढाबा.कॉम के अलग होने की यह भी एक बड़ी वजह है। तो, जिले-कस्बों से बड़े आयोजनों तक की कवरेज के लिए जुड़े रहें खेलढाबा.कॉम से।

Newsletter

Laest News

@2025 – All Right Reserved.