फीफा वर्ल्ड कप 2026 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और धीरे-धीरे पूरा विश्व फुटबॉल के रंग में रंगने जा रहा है। आगामी 11 जून से शुरू होने वाले फुटबॉल के इस महासंग्राम को लेकर टीमें अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। खेलढाबा.कॉम भी इस फुटबॉल महासंग्राम आपको अपडेट देने का पूरा प्रयास करेगा। इसी कड़ी में प्रस्तुत है पूल ए का पूर्वालोकन तो आइए चलिए पूल ए में कैसा होने वाला है मुकाबला।
इस टूर्नामेंट का पहला मुकाबला ग्रुप ए में खेला जाएगा। सह-मेज़बान मेक्सिको 11 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान में उतरेगा। इसी ग्रुप में दक्षिण कोरिया और चेक रिपब्लिक जैसी मजबूत टीमें भी शामिल हैं।
ग्रुप ए के अधिकांश मुकाबले मेक्सिको के अलग-अलग शहरों मेक्सिको सिटी, ग्वाडालाजारा और मॉन्टेरे में खेले जाएंगे, जबकि एकमात्र मुकाबला 18 जून को अटलांटा (अमेरिका) में खेला जाएगा। इस तरह मेक्सिको को घरेलू परिस्थितियों का बड़ा फायदा मिल सकता है।
मेक्सिको – घरेलू दबाव और उम्मीदें
मेक्सिको के लिए यह वर्ल्ड कप बेहद खास है, क्योंकि 40 साल बाद वह फिर से मेज़बानी कर रहा है। पिछली बार 2022 में टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी जो उसके लिए बड़ा झटका था। हालांकि इससे पहले वर्ष 1994 से 2018 तक टीम लगातार सात बार राउंड ऑफ 16 तक पहुंची लेकिन हर बार आगे बढ़ने में नाकाम रही।

दिलचस्प बात यह है कि मेक्सिको केवल उन्हीं दो मौकों पर क्वार्टरफाइनल (अंतिम आठ) तक पहुंचा है जब उसने टूर्नामेंट की मेजबानी की वर्ष 1970 और 1986। ऐसे में इस बार भी इतिहास दोहराने की उम्मीद की जा रही है।
टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा टैलेंट है। 17 वर्षीय गिलबर्टो मोरा को भविष्य का सितारा माना जा रहा है। वहीं अनुभवी कोच जैवियर अगुरेए तीसरी बार टीम को कोचिंग दे रहे हैं और उनके अनुभव से टीम को काफी फायदा मिल सकता है। घरेलू दर्शकों का समर्थन मेक्सिको के लिए एक्स-फैक्टर साबित हो सकता है।
दक्षिण अफ्रीका-नई ऊर्जा के साथ वापसी
दक्षिण अफ्रीका वर्ष 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में वापसी कर रहा है। वर्ष 2010 में मेजबान होने के बावजूद टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी और इतिहास में ऐसा करने वाली पहली मेज़बान टीम बनी थी।
इस बार दक्षिण अफ्रीका ने क्वालिफाइंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए नाइजीरिया जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़ा। टीम के कोच हुगो ब्रुस वर्ष 2021 से टीम के साथ हैं और उन्होंने एक संतुलित स्क्वॉड तैयार किया है।

हालांकि टीम में बड़े इंटरनेशनल स्टार कम हैं, लेकिन स्थानीय खिलाड़ियों का तालमेल और अनुशासन इसे खतरनाक बना सकता है। मेक्सिको के खिलाफ ओपनिंग मैच में अगर टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो पूरे ग्रुप का समीकरण बदल सकता है।
दक्षिण कोरिया-अनुभव और स्टार पावर
दक्षिण कोरिया एशिया की सबसे सफल टीमों में से एक है और यह उसका 12वां वर्ल्ड कप होगा। वर्ष 2002 में चौथे स्थान तक पहुंचना इसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। टीम का नेतृत्व कर रहे हैं स्टार फॉरवर्ड सान हुंग मिन जो लंबे समय तक यूरोप में खेलने के बाद अब मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) में सक्रिय हैं। उनके अलावा ली कांग इन (मिडफील्ड) और किम मिन जॉय (डिफेंस) टीम को संतुलन देते हैं।

हालांकि हाल के अभ्यास मैचों में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा आइवरी कोस्ट से 4-0 और ऑस्ट्रिया से 1-0 की हार, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में दक्षिण कोरिया हमेशा बेहतर खेल दिखाने के लिए जाना जाता है। कोच हांग मयूनग बो का अनुभव टीम के लिए अहम रहेगा।
चेक गणराज्य – वापसी और अनुभव का मिश्रण
चेक गणराज्य के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में लौटा है। टीम ने यूरोपीय प्लेऑफ में डेनमार्क को हराकर क्वालिफाई किया, जो उसके जज्बे को दिखाता है।35 वर्षीय अनुभवी मिडफील्डर ब्लादमिर डारिडा ने टीम की मदद के लिए रिटायरमेंट से वापसी की है। कोच मिरोसलाव कोबेक के नेतृत्व में टीम अनुशासित और रणनीतिक खेल पर भरोसा करती है। हालांकि टीम में सुपरस्टार्स की कमी है, लेकिन यूरोपीय फुटबॉल की मजबूती और सामूहिक खेल इसे खतरनाक बना सकता है।

ग्रुप ए का विश्लेषण और संभावनाएं
ग्रुप ए को ओपन ग्रुप कहा जा सकता है, जहां कोई भी टीम आगे बढ़ सकती है।
मेक्सिको को घरेलू परिस्थितियों और दर्शकों का समर्थन मिलेगा
दक्षिण कोरिया अनुभव और स्टार खिलाड़ियों के दम पर मजबूत दावेदार है
दक्षिण अफ्रीका क्वालिफाइंग फॉर्म के दम पर उलटफेर कर सकता है
चेक गणराज्य अनुशासित खेल से किसी को भी चौंका सकता है