पटना,26 अप्रैल। देश में खेल के सर्वांगीण विकास के लिए श्रीनगर में 25 अप्रैल को राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के युवा मामले एवं खेल मंत्रियों का चिंतन शिविर आयोजित किया गया। इस चिंतन शिविर में देश भर से आए खेल विशेषज्ञों ने देश में खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए अपने अपने सुझाव और सलाह प्रस्तुत किए। देश के ऑलंपिक मिशन के तहत आने वाले ऑलंपिक खेलों में देश की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी और मेडल जीतने की सम्भावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से इस चिंतन शिविर का आयोजन किया गया।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी और प्रशिक्षक श्री पुलेला गोपीचंद के साथ ‘टैलेंट आइडेंटिफिकेशन और डेवलपमेंट’ पर बिहार के प्रयासों के संदर्भ में एक प्रस्तुतीकरण दिया जिससे वहां उपस्थित अन्य राज्यों के सभी प्रतिनिधि बहुत प्रभावित हुए और इसकी तारीफ की।
केंद्रीय खेल मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने बिहार के प्रस्तुतीकरण से प्रभावित हो कर तारीफ करते हुए कहा कि हम दोनों एक परमानेंट टीम की तरह काम करेंगे और इस टॉपिक के लिए पॉलिसी पेपर्स का ड्राफ़्ट तैयार करेंगे। उन्होंने बिहार मॉडल को मिसाल बताते हुए अन्य राज्यों को भी इसका अनुशरण करने की सलाह दी।
केन्द्रीय राज्य खेल मंत्री श्रीमती रक्षा खड़से ने अपने संबोधन में श्री शंकरण द्वारा पेश प्रस्तुतीकरण की खुल कर तारीफ करते हुए बिहार की खेल नीतियों के बारे में विस्तार से उपस्थित लोगों को बताया।