Sunday, April 19, 2026
Home Latest फॉर्मूला वन की वापसी केंद्रीय खेल मंत्री का बड़ा बयान

फॉर्मूला वन की वापसी केंद्रीय खेल मंत्री का बड़ा बयान

2027 में भारत में हो सकती है इसकी वापसी

by Khel Dhaba
0 comment

नई दिल्ली, 13 अप्रैल। भारत में मोटरस्पोर्ट्स के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया Mansukh Mandaviya ने भरोसा जताया है कि साल 2027 में फार्मूला वन Formula One की भारत में वापसी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है और कर संबंधी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर

मंत्री ने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट Buddh International Circuit इस संभावित वापसी का मुख्य केंद्र बन सकता है। इस ट्रैक पर पहले भी इंडियन ग्रां प्री आयोजित हो चुका है और अब फिर से यहां रेस कराने के लिए कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। सरकार जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी है।

2027 को लेकर अभी संशय

हालांकि, लिबर्टी मीडिया Liberty Media के स्वामित्व वाले फॉर्मूला वन प्रबंधन के सूत्रों का कहना है कि 2027 में वापसी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार भारत एक बड़ा बाजार है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है।

भारत बना बड़ा बाजार

फॉर्मूला वन के अनुसार भारत में करीब 79 मिलियन (लगभग 7.9 करोड़) प्रशंसक हैं, जो इसे एक उभरता हुआ और आकर्षक बाजार बनाते हैं। यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर भारत को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

अदानी समूह की दिलचस्पी

अदानी ग्रुप ने भी भारत में फॉर्मूला वन रेस को दोबारा शुरू कराने में रुचि दिखाई है। यह समूह जेपी समूह की संपत्तियां खरीदने की प्रक्रिया में है, जिसमें रेस ट्रैक भी शामिल है।

अन्य शहर भी तैयार

खेल मंत्री ने संकेत दिया कि चेन्नई और हैदराबाद में भी अच्छे रेस ट्रैक मौजूद हैं। सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कर संबंधी मुद्दों को हल करने पर है।

महंगा है आयोजन

फॉर्मूला वन रेस का आयोजन बेहद खर्चीला होता है और इसकी लागत हर साल लगभग 2 से 6 करोड़ डॉलर तक होती है। यही कारण है कि पहले इसे जारी रखना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ था।

पिछली कोशिशों से सीख

भारत में 2023 में मोटो जीपी और हैदराबाद में फॉर्मूला ई रेस का आयोजन हुआ था, लेकिन ये आयोजन लगातार जारी नहीं रह सके। अब सरकार इन अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ रही है।

You may also like

Leave a Comment

खेलढाबा.कॉम

खेलढाबा.कॉम, खेल पत्रकार की सोच और बहुत सारे खेल प्रेमियों के सुझाव व साथ का परिणाम है। बड़े निवेश की खेल वेबसाइट्स की भीड़ में खेलढाबा.कॉम के अलग होने की यह भी एक बड़ी वजह है। तो, जिले-कस्बों से बड़े आयोजनों तक की कवरेज के लिए जुड़े रहें खेलढाबा.कॉम से।

Newsletter

Subscribe my Newsletter for new blog posts, tips & new photos. Let's stay updated!

Laest News

@2025 – All Right Reserved.

Verified by MonsterInsights