मुंबई, 4 मार्च। टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझती हैं, इसलिए यह मुकाबला रणनीति, अनुभव और दबाव झेलने की क्षमता की असली परीक्षा बन सकता है।
सुपर-8 के बाद बदली भारत की रणनीति
टूर्नामेंट की शुरुआत में भारत को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन मजबूत टीमों के खिलाफ उसका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा। ग्रुप चरण में सभी मैच जीतने के बावजूद सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने टीम की कमजोरियां उजागर कर दी थीं। हालांकि इसके बाद टीम ने बेहतर रणनीति अपनाई और सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही।
संजू सैमसन की फॉर्म से बढ़ा आत्मविश्वास
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत संजू सैमसन की शानदार वापसी रही है। पावरप्ले में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की चुनौती को संतुलित करने के लिए उन्हें अंतिम एकादश में मौका दिया गया और उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम का भरोसा मजबूत किया।
दस साल से अधिक के अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद यह सैमसन की भारत के लिए सबसे प्रभावशाली पारियों में से एक मानी जा रही है। टीम को उम्मीद है कि उनके आत्मविश्वास का सकारात्मक असर सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर भी पड़ेगा।
अभिषेक शर्मा को बड़ी पारी की तलाश
अभिषेक ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक जरूर लगाया था, लेकिन वह अभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म से दूर नजर आ रहे हैं। ऐसे में सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उनसे टीम को मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी।
इंग्लैंड की टीम भारतीय सलामी जोड़ी के लिए खास रणनीति के साथ उतरेगी। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर शॉर्ट-पिच गेंदों से सैमसन को चुनौती दे सकते हैं, जबकि ऑफ स्पिनर विल जैक्स पावरप्ले में अभिषेक शर्मा को परेशान करने की कोशिश करेंगे।
इंग्लैंड के स्पिनर बन सकते हैं बड़ी चुनौती
बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन शुरुआती ओवरों में गेंदबाजी कर सकते हैं, जबकि बीच के ओवरों में आदिल राशिद भारत के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। भारतीय बल्लेबाजों ने अभ्यास सत्र में इन गेंदबाजों को ध्यान में रखकर तैयारी भी की है।
मध्यक्रम और गेंदबाजी की अहम भूमिका
भारतीय बल्लेबाजी क्रम में ईशान किशन का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय रहा है। टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत के बाद उनका बल्ला खामोश हो गया है और टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।
कप्तान सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या अपने घरेलू मैदान वानखेड़े पर अहम भूमिका निभा सकते हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह लगातार प्रभावशाली रहे हैं, लेकिन डेथ ओवरों में बाकी गेंदबाजों को भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। छोटी बाउंड्री वाले इस मैदान पर स्पिन जोड़ी अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।
सेमीफाइनल में पुरानी प्रतिद्वंद्विता भी दांव पर
भारत और इंग्लैंड लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जबकि 2024 में भारत ने गयाना में उसका बदला चुकता किया था। ऐसे में इस बार का मुकाबला दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई भी बन गया है।
इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक और विल जैक्स ने इस टूर्नामेंट में टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। ऑलराउंडर सैम कुरेन ने भी अहम योगदान दिया है। वहीं टीम की नजर जोस बटलर पर भी रहेगी, जो अभी तक अपनी लय हासिल नहीं कर पाए हैं।
शाम सात बजे शुरू होगा मुकाबला
वानखेड़े की जिस पिच पर सेमीफाइनल खेला जाएगा, उस पर अब तक दो मैच खेले गए हैं। इनमें वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड के खिलाफ 196 रन का सफल बचाव किया था, जबकि इटली ने नेपाल को 123 रन पर समेटने के बाद 10 विकेट से जीत दर्ज की थी।
दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियों से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में यह मुकाबला रणनीति, संयम और बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा।