पटना, 17 जून। बिहार की खेल व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राजगीर स्थित खेल अकादमी के एक्सीलेंस ट्रेनिंग सेंटर में बुधवार को बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से की गई छापेमारी में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के कमरों से बड़ी मात्रा में शक्तिवर्धक इंजेक्शन, दवाएं तथा अन्य संदिग्ध प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के उपनिदेशक हिमांशु सिंह के नेतृत्व में गठित छापामार दल ने एक्सीलेंस ट्रेनिंग सेंटर में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के कमरों की जांच की। इस दौरान विभिन्न प्रकार की दवाएं, इंजेक्शन और सप्लीमेंट्स मिले, जिनकी वैधता और उपयोग की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी दल में प्राधिकरण के वरीय क्रीड़ा कार्यपालक आनंदी कुमार, राजगीर खेल अकादमी के निदेशक मिथिलेश कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों ने कमरों की गहन तलाशी ली और बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार बरामद पदार्थों में एनाबॉलिक स्टेरॉयड, एरिथ्रोपोइटिन (ईपीओ) जैसे इंजेक्शन, मस्कुलर ग्रोथ सप्लीमेंट्स तथा अन्य दवाएं शामिल हैं। खेल जगत में इन पदार्थों को डोपिंग से जुड़े मामलों में अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बरामद सभी सामग्री प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं या नहीं। इसकी पुष्टि जांच और विशेषज्ञ परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

बताया जा रहा है कि खेल प्राधिकरण पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। संबंधित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों से पूछताछ की जा सकती है तथा बरामद दवाओं के नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद राज्य के खेल महकमे में हड़कंप मच गया है। यदि जांच में डोपिंग नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि राजगीर खेल अकादमी में तीन खेल विधाओं एथलेटिक्स, कुश्ती और भारोत्तोलन का खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर चलता है।