नईदिल्ली, 4 फरवरी। ओलंपियन ईशा सिंह ने एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (पिस्टल/राइफल) के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने टीम स्पर्धा में भी भारत को स्वर्ण दिलाकर दिन को यादगार बना दिया। वहीं, पुरुष वर्ग में विश्व चैंपियन सम्राट राणा को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल: ईशा की दमदार वापसी
21 वर्षीय ईशा सिंह ने फाइनल में पिछड़ने के बावजूद जबरदस्त संयम दिखाया और 239.8 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने चीनी ताइपे की चेंग येन चिंग (235.4, रजत) और यू ऐ वेन (217.7, कांस्य) को पीछे छोड़ा। फाइनल में ईशा ने 10.4 और उससे ऊपर के लगातार तीन सटीक शॉट लगाकर बढ़त बनाई और जीत पक्की की।

सुरुचि और मनु का संघर्ष
पहले 10 शॉट के बाद बढ़त में रहीं 19 वर्षीय सुरुचि सिंह एलिमिनेशन राउंड में पिछड़ गईं और चौथे स्थान पर रहीं। वहीं पेरिस ओलंपिक की दो बार की कांस्य पदक विजेता मनु भाकर सातवें स्थान पर रहीं।
टीम स्पर्धा में भारत का स्वर्ण
क्वालिफाइंग में सुरुचि (576), मनु (575) और ईशा (575) की तिकड़ी ने कुल 1726 अंक जुटाकर टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। वियतनाम (1713) को रजत और चीनी ताइपे (1711) को कांस्य से संतोष करना पड़ा।
पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल: सम्राट को कांस्य
पुरुष वर्ग में सम्राट राणा ने क्वालिफाइंग में 581 अंक के साथ फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन फाइनल में वह अपेक्षित लय बरकरार नहीं रख सके। उन्होंने 220.3 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। उज्बेकिस्तान के व्लादिमीर स्वेचनिकोव (242.0) ने स्वर्ण और कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमजान (241.0) ने रजत पदक हासिल किया। भारत के श्रवण कुमार चौथे स्थान पर रहे।

पुरुष टीम में भारत को रजत
भारत की पुरुष टीम (सम्राट 581, श्रवण 578, वरुण तोमर 573) ने कुल 1732 अंक बनाए। समान अंक होने के बावजूद ‘इनर-10’ में पीछे रहने के कारण भारत को रजत मिला, जबकि उज्बेकिस्तान को स्वर्ण पदक मिला। कजाकिस्तान 1731 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
भारत का सबसे बड़ा दल
भारत ने इस एशियाई चैंपियनशिप में 118 निशानेबाजों का सबसे बड़ा दल उतारा है, जबकि कजाकिस्तान 35 खिलाड़ियों के साथ दूसरा सबसे बड़ा दल है।
अन्य परिणाम
पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल (जूनियर):
स्वर्ण – गेविन एंटनी (भारत, 240.9), रजत – इमांडोस बेक्टेनोव (कजाकिस्तान, 236.7), कांस्य – मारूफ औलिया (इंडोनेशिया, 215.6)
टीम: स्वर्ण – भारत (1735), रजत – कजाकिस्तान (1680)