रांची, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पूरे झारखंड में योग का उत्साह देखने को मिला। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के निर्देश पर राज्य के 35 हजार से अधिक सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस राज्यव्यापी आयोजन में करीब 50 लाख छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लेकर योग को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
16 जून से शुरू हो गई थीं तैयारियां
योग दिवस के सफल आयोजन के लिए विभाग ने पहले से व्यापक तैयारी की थी। 16 जून से ही सभी विद्यालयों में तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। प्रत्येक विद्यालय से एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक और एक नोडल शिक्षक को कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि सभी स्कूलों में निर्धारित मानकों के अनुरूप योगाभ्यास कराया जा सके।
विभागीय निर्देशानुसार 21 जून को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय खुले रहे। इस दौरान सामूहिक योगाभ्यास के साथ-साथ विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
योग के साथ जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुई, जिसके बाद चालन क्रियाएं, योगासन, प्राणायाम, ध्यान और शांति पाठ के माध्यम से कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास कराया गया। इसके अलावा योग आधारित भाषण, निबंध लेखन, चित्रकला, स्लोगन लेखन, प्रश्नोत्तरी और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
योग स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार
इस अवसर पर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने कहा कि झारखंड के विद्यालयों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का व्यापक और अनुशासित आयोजन अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्म-अनुशासन और संतुलित जीवन की आधारशिला भी है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” लोगों को बचपन से ही योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करती है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में नियमित योगाभ्यास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गांव से शहर तक दिखा योग का उत्साह
राज्य के छोटे-छोटे गांवों से लेकर शहरों तक स्थित विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ योगाभ्यास किया। एक साथ हुए इस विशाल आयोजन ने पूरे झारखंड को वास्तव में “योगमय झारखंड” का स्वरूप प्रदान कर दिया।