रोटरडम, 20 जून। भारतीय हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग के डच चरण का समापन रविवार यानी 21 जून को को मेजबान नीदरलैंड पर जीत के साथ करना चाहेगी। अबतक भारतीय टीम का प्रदर्शन मिला जुला रहा है।
एफआईएच रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज भारत को पहले मैच में दूसरी रैंकिंग वाली नीदरलैंड ने 3-2 से हराया। भारत ने विश्व चैम्पियन जर्मनी को 3-1 से हराया लेकिन रिटर्न मैच में 1-2 से हार गये।
नौ टीमों के प्रो लीग में आठवें स्थान पर काबिज भारत विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले इस टूर्नामेंट में सही टीम संयोजन तलाशना चाहता है। नीदरलैंड के खिलाफ मैच के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड जायेगी जहां मेजबान इंग्लैंड के अलावा चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलना है।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम 23 जून को लंदन में पाकिस्तान से खेलेगी और 25 जून को इंग्लैंड से सामना होगा। पाकिस्तान से 26 जून और इंग्लैंड से 28 जून को आखिरी मैच होगा।
भारत और पाकिस्तान 2024 में चीन में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद पहली बार आमने सामने होंगे। भारत ने कप्तान हरमनप्रीत के दो गोल की मदद से वह मैच जीता था।
प्रो लीग के यूरोप चरण में भारत ने ऊंची रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ करीबी मुकाबले खेले हैं। अब कोच क्रेग फुल्टोन को टीम से अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाकर नीदरलैंड को हराने की उम्मीद होगी।
फुल्टोन इन मैचों को अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने के लिये भी इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि विश्व कप और एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ टीम उतारी जा सके। आखिरी मिनटों में गोल गंवाना भारत की पुरानी समस्या रही है और जर्मनी के खिलाफ भी यह देखा गया।
मैच में 56वें मिनट तक एक गोल से आगे रहने के बाद भारत ने आखिरी छह मिनटों में दो पेनाल्टी कॉर्नर गंवाये और दूसरा तो आखिरी सीटी बजने से कुछ सेकंड पहले ही गंवा दिया।
जर्मनी के खिलाफ दूसरे मैच में मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने भारत के लिये सर्वाधिक 412 मैचों का दिलीप टिर्की का रिकॉर्ड तोड़ा। सबसे सीनियर खिलाड़ी मनप्रीत भी सकारात्मक नतीजे के लिये टीम को प्रेरित करेंगे।