मुल्लांपुर, 7 जून। अपने बड़े बेटे मानव सुथार को भारत के लिए टेस्ट पदार्पण करते देखने के लिए परिवार के साथ उनके पिता जगदीश सुथार मुल्लांपुर तक पहुंचे लेकिन रविवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के दूसरे दिन अपने बेटे का मैदान पर प्रदर्शन देखे बिना ही घर लौट गए। सुथार ने शानदार पदार्पण करते हुए 15.5 ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट लेकर अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को बांधे रखा।
टेस्ट के दूसरे दिन जगदीश सुथार ने कहा कि मैं अपनी पत्नी और बेटी मानसी (मानव की छोटी बहन) के साथ उसका पदार्पण देखने आया था। पहले दिन 6 जून को उसे टेस्ट कैप लेते देखकर कैसा लगा, मैं इसे बयां नहीं कर सकता। लेकिन 7 जून को हम घर वापस आ गए थे क्योंकि हम सब नर्वस थे और स्टेडियम से उसे खेलते हुए देखकर थोड़े अंधविश्वासी भी थे। जगदीश अपने बेटे की क्रिकेट के मैदान पर सफलता का श्रेय लेने से बहुत हिचकिचा रहे थे।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सेवानिवृत्त शिक्षक (शारीरिक शिक्षा) जगदीश सुथार ने कहा कि यह पूरी तरह से मानव की कड़ी मेहनत और उसके घंटों के अभ्यास का नतीजा है। वह सुबह ट्रेनिंग के लिए घर से निकलता था और देर शाम लौटता था। इसका श्रेय उसे और उसके बचपन के कोच धीरज शर्मा को जाता है जिनके हम सब अहसानमंद हैं। मानव ने अपना सारा क्रिकेट उन्हीं से सीखा।
यह पूछने पर कि उन्हें असल में कब पता चला कि उनके बेटे में प्रतिभा है तो उन्होंने कहा कि यह एक दिन की बात नहीं थी जब उन्हें इसका अहसास हुआ।
जगदीश ने बताया कि हर दूसरे बच्चे की तरह, उसे भी क्रिकेट का बहुत शौक था। जब वह छह से सात साल का था तो वह टेनिस और रबड़ की गेंद से खेलता था। चूंकि मैं एक पीटी (शारीरिक शिक्षा) टीचर था, इसलिए मैंने हमेशा अपने बेटे को यह खेल खेलने और इसका मजा लेने के लिए हिम्मत दी। जब वह लगभग 10 से 11 साल का था तो मैंने उसे धीरज सर की अकादमी में दाखिला दिलाया था। उसके बाद मैंने उससे बस इतना कहा कि तुझे जो अच्छा लगे, तू कर, मेरा समर्थन हमेशा तेरे साथ रहेगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपने बेटे की पढ़ाई की चिंता है, तो उन्होंने ‘ना’ में जवाब दिया। उन्होंने बताया कि उसका फोकस क्रिकेट पर था, लेकिन उसने अपनी ग्रेजुएशन भी पूरी कर ली है। पिता के मुताबिक उनका बेटा बहुत कम बोलता है और जब वह घर पर होता है तो क्रिकेट के बारे में बहुत कम बात करता है।
उन्होंने कहा कि जब वह घर पर होता है तो हम क्रिकेट पर मुश्किल से ही बात करते हैं। वह ज्यादा नहीं बोलता। हम जानते हैं कि वह रविचंद्रन अश्विन का बहुत बड़ा प्रशसंक है।