पटना, 26 मार्च। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) में कथित भ्रष्टाचार और चुनावी अनियमितताओं को लेकर मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और BCA में गड़बड़ियों के खिलाफ याचिका दायर करने वाले आदित्य वर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में कई अहम खुलासे किए।
उन्होंने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त 2025 को संविधान के आर्टिकल 142 का उपयोग करते हुए पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एल. नागेश्वर राव को बिहार क्रिकेट के सुचारू संचालन के लिए लोकपाल नियुक्त किया था। इसके बावजूद 28 सितंबर 2025 को BCA ने अपने एजीएम में नई कार्यकारिणी का चुनाव करा लिया, जिसे नियमों के खिलाफ बताया गया।
इस मामले को लेकर पूर्व सचिव अमित कुमार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए लोकपाल को चुनाव की वैधता की जांच करने का निर्देश दिया। जांच पूरी करने के बाद 26 फरवरी 2026 को लोकपाल ने अपनी रिपोर्ट सील्ड कवर में सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी।

20 मार्च 2026 को हुई सुनवाई में जस्टिस एल. नागेश्वर राव ने समय की कमी का हवाला देते हुए खुद को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अभय श्रीनिवास ओक को नया लोकपाल नियुक्त कर दिया। साथ ही कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 13 मई 2026 तय की है।
आदित्य वर्मा के अनुसार, लोकपाल की रिपोर्ट में पूर्व चुनाव को रद्द करने और नए सिरे से चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। यह चुनाव नए लोकपाल की निगरानी में और जिला क्रिकेट संघों की वैधता की जांच के बाद कराया जाएगा। रिपोर्ट में एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने की भी सिफारिश की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सात वर्षों से BCA की कार्यप्रणाली विवादों में रही है। कई थानों में गबन के मामले दर्ज हैं और बिहार पुलिस की एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भी सक्रिय है।
आदित्य वर्मा ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बिहार क्रिकेट जल्द ही पारदर्शी और व्यवस्थित रूप में सामने आएगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद सिंह समेत कई पूर्व क्रिकेटर और अधिकारी मौजूद रहे।