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Wednesday, December 7, 2022

बीसीए में भ्रष्टाचार का बोलबाला, नियम को ताक पर रख रौशन माधव का हुआ चयन: संजीव मिश्र

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पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के पूर्व प्रवक्ता तथा पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने बीसीए के कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ‌(सीओएम) पर सभी आवश्यक साक्ष्यों के साथ आरोप लगाते हुए कहा है कि मधुबनी जिला के खिलाड़ी रौशन माधव का बीसीसीआई द्वारा आयोजित मुश्ताक अली ट्रॉफी टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए घोषित बिहार टीम में चयन निर्धारित मापदंड के खिलाफ किया गया। उन्होंने कहा कि चयन तो छोड़िए सेलेक्शन प्रक्रिया में रौशन माधव की इंट्री ही बीसीए द्वारा निर्धारित नियमों को तोड़ कर एक साजिश के तहत किया गया है जिससे राज्य के उदीयमान खिलाड़ियों में बीसीए के कार्यों के प्रति रोष व्याप्त है।

श्री मिश्र ने कहा कि रौशन माधव की प्रतिभा और उनकी खेल की क्षमता पर मुझे कोई सवाल खड़ा नहीं करना लेकिन बीसीए अपने सिस्टम में पलीता लगाने का काम किया है। ऐसे निर्णय से स्पष्ट दिखता है कि बीसीए में नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है।

उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि बीसीए के नियमानुसार इस टीम की सेलेक्शन प्रक्रिया में वही खिलाड़ी हिस्सा ले सकते थे जो सत्र 2021-22 में रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने वाली बिहार टीम का प्रतिनिधित्व किये हों। साथ ही बीसीए द्वारा आयोजित हेमन ट्रॉफी अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में कम से कम 150 रन बनाये हों या कम से कम कुल छह विकेट हासिल किये हों। साथ ही वे आईपीएल और एनसीए में भाग लेने या अंडर-25 डेज क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने के कारण हेमन ट्रॉफी में हिस्सा नहीं ले पाये हों वही चयन प्रक्रिया के लिए पात्रता रखते थे। लेकिन रौशन माधव के लिए न जाने बीसीए की पूरी की पूरी सीओएम आखिर क्यों नियमों की अनदेखी कर न केवल सेलेक्शन ट्रायल प्रक्रिया का मधुबनी से हिस्सा बनाया बल्कि फाइनल बिहार टीम में जगह भी पक्की करवाई।

श्री मिश्र ने कहा कि रौशन माधव हेमन ट्रॉफी अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में मधुबनी का प्रतिनिधित्व करते हुए चार मैचों में मात्र 26 रन बना पाए थे और निर्धारित विकेट हासिल करने के मापदंड को भी पूरा नहीं करते हैं। इसके साथ ही अन्य सभी आवश्यक मापदंड को भी रौशन माधव पूरा नहीं किये हैं।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीसीए में कई वर्षों से भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है जिसका जीता जागता नमूना रौशन माधव की घटना है। बार-बार बीसीए के अंदर हो रही ऐसी घटनाओं से बिहार की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई है। इस मामले को मेरे द्वारा जल्द ही बीसीसीआई के समक्ष उठाया जायेगा और जरुरत पड़ी तो सभी मामलों को माननीय न्यायालय के संज्ञान में भी लाया जायेगा।

श्री मिश्र ने कहा कि बीसीए के सीओएम के साथ-साथ मधुबनी जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी भी पूरी तरह से सवाल के घेरे में है। उन्होंने कहा कि बीसीए तत्काल प्रभाव से अपने आपको भ्रष्टाचार के आरोप से बाहर लाए और अविलंब बिहार टीम में आवश्यक बदलाव कर राज्य हित में कार्रवाई करे।

 

 

 

 

 

 

 







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