रांची, 21 मई। देश के शीर्ष ट्रैक और फील्ड सितारे यहां शुक्रवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय सीनियर फेडरेशन कप के जरिए 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में जगह पाने के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने की कोशिश करेंगे।
यह टूर्नामेंट इसलिए भी अहम है क्योंकि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर ‘एसआरवाय जीन टेस्ट’ (जैविक लिंग परीक्षण) करायेगा ताकि जैविक रूप से महिला प्रतियोगी ही महिला वर्ग में उतर सकें। यह ‘स्वैब’ या रक्त की जांच के जरिये कराया जायेगा।
एएफआई भारतीय खिलाड़ियों के डीएनए टेस्ट भी शुरू करेगा ताकि ये आंकड़े बाद में अनुसंधान और विकास के काम आ सके। एसआरवाय टेस्ट और डीएनए टेस्ट के नतीजे और रिकॉर्ड गोपनीय रखे जायेंगे।
ग्लास्गो में होने वाले 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का अंतिम चयन टूर्नामेंट होने के अलावा यह चीन में नौ से 12 जुलाई तक होने वाली पहली एशियाई अंडर 23 चैम्पियनशिप का ट्रायल भी होगा। इसमें ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा और 3000 मीटर स्टीपलचेस खिलाड़ी अविनाश साबले भाग नहीं लेंगे।
चोपड़ा ने पिछले पांच साल में एक ही बार राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेला है। वह डायमंड लीग और विश्व चैम्पियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भाग लेते हैं।
उन्होंने आखिरी बार 2024 में भुवनेश्वर में फेडरेशन कप में भाग लिया था। कमर की चोट से उबर रहे चोपड़ा 25 मई से स्विटजरलैंड में 47 दिवसीय अभ्यास शिविर में भाग लेंगे। साबले भी चोट से उबर रहे हैं।
महिला 3000 मीटर स्टीपलचेस राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी पारूल चौधरी ने टूर्नामेंट में नाम नहीं लिखवाया है। लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह और फर्राटा धाविका हिमा दास भी इसमें भाग नहीं लेंगे।
भालाफेंक खिलाड़ी सचिन यादव, लंबी कूद के मुरली श्रीशंकर, फर्राटा धावक अनिमेष कुजूर, रिले धावक विशाल टीके, डेकाथलन के तेजस्विन शंकर इसमें नजर आयेंगे।