सूझोउ (चीन), 6 मई। एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप 2026 में जापान से 0-3 की मिली हार को भूल कर भारतीय टीम नये हौसले के साथ लेबनान के खिलाफ उतरेगीं। भारतीय युवा टाइग्रेस अब अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में लेबनान के खिलाफ जीत दर्ज कर पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचने का इतिहास रचने की तैयारी में हैं।
जापान जैसी मजबूत और चार बार की एशियन चैंपियन टीम के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने पहले हाफ में शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया। मुख्य कोच पावेला कोंटी ने खिलाड़ियों की अनुशासित रणनीति और डिफेंस की जमकर तारीफ की।
मुख्य कोच कोंटी ने कहा कि टीम का लक्ष्य जापान को खुलकर मौके नहीं देने का था और पहले हाफ में खिलाड़ी इस योजना में काफी हद तक सफल रहीं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने सामरिक रूप से बेहतरीन संगठन और संवाद का प्रदर्शन किया।
भारतीय टीम की कप्तानी संभालने वाली 15 वर्षीय डिफेंडर अभिष्टा बासनेट ने भी पहले हाफ के प्रदर्शन को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि टीम ने जापान को पहले हाफ में लक्ष्य पर शॉट लगाने का मौका नहीं दिया और खिलाड़ी बेहद कॉम्पैक्ट फुटबॉल खेल रही थीं।
हालांकि दूसरे हाफ में जापान की तेज रफ्तार और लगातार दबाव के सामने भारतीय टीम थोड़ी धीमी पड़ गई। जापानी खिलाड़ियों ने इसका फायदा उठाते हुए तीन गोल दागे। अभिष्टा ने स्वीकार किया कि ट्रांजिशन के दौरान टीम की गति धीमी रही और ब्लाइंड साइड रन को ट्रैक नहीं कर पाना बड़ी गलती साबित हुई।
इसके बावजूद भारत की क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीद अभी भी जिंदा है। अंतिम ग्रुप मैच में लेबनान के खिलाफ जीत भारत को सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीम के रूप में अगले दौर में पहुंचा सकती है। फिलहाल भारत का गोल अंतर -5 है, जबकि ग्रुप सी की फिलीपींस और चीनी ताइपे का गोल अंतर इससे काफी खराब है।
कोच कोंटी ने कहा कि चाहे परिणाम कुछ भी हो उन्हें अपनी खिलाड़ियों पर गर्व है क्योंकि टीम ने जनवरी से लगातार कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि अब पूरा ध्यान लेबनान के खिलाफ मुकाबले पर है।