जयपुर, 30 अप्रैल। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शुक्रवार यानी 1 मई को होने वाले मुकाबले से पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए राहत की खबर है। तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क की वापसी हो चुकी है और अब दिल्ली की गेंदबाजी मजबूत हो जायेगी।
दिल्ली का अस्थिर प्रदर्शन बना चिंता का कारण
अक्षर पटेल की कप्तानी वाली दिल्ली की टीम का इस सीजन प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कभी टीम ने 250 से ज्यादा का विशाल स्कोर बनाया तो कभी बेहद उम्मीदों के विपरीत काफी लो स्कोर पर धराशाई। वहीं गुजरात टाइटंस के खिलाफ एक रन की हार ने टीम को मानसिक रूप से भी झटका दिया है। फिलहाल तीन जीत और चार हार के साथ दिल्ली अंक तालिका में सातवें स्थान पर है।
बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी
दिल्ली की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी बल्लेबाजी की अस्थिरता रही है। लोकेश राहुल, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी ने अलग-अलग मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन टीम एकजुट होकर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रही है। पिछले मुकाबले में अभिषेक पोरेल ने इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर टीम को बड़े संकट से बचाया, जिससे उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
स्टार्क की वापसी से गेंदबाजी को मजबूती
गेंदबाजी में हालांकि दिल्ली को राहत मिली है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से अनुमति मिलने के बाद मिचेल स्टार्क एक मई से उपलब्ध होंगे। लुंगी एनगिडी की गैरमौजूदगी में स्टार्क का शामिल होना टीम के लिए संतुलन लाएगा। संभावना है कि वे काइल जैमीसन या दुष्मंता चमीरा की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल हों।
राजस्थान की मजबूत और संतुलित टीम
दूसरी ओर, राजस्थान रॉयल्स शानदार फॉर्म में है और अंक तालिका में चौथे स्थान पर काबिज है। टीम ने हाल ही में पंजाब किंग्स को हराकर इस सीजन की छठी जीत दर्ज की। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल बेहतरीन लय में हैं, जबकि मध्यक्रम भी अब मजबूती से योगदान दे रहा है।
दिल्ली के लिए ‘करो या मरो’ जैसा मुकाबला
दिल्ली के गेंदबाजों को राजस्थान के आक्रामक बल्लेबाजी क्रम पर अंकुश लगाने के लिए सटीक रणनीति के साथ उतरना होगा। खासकर शुरुआती ओवरों में रन गति नियंत्रित करना उनके लिए बेहद अहम रहेगा।
मैच समय: शाम 7:30 बजे
स्थान: जयपुर