पटना, 7 नवंबर। भारतीय हॉकी की 100वीं वर्षगांठ पर हॉकी एसोसिएशन ऑफ बिहार ने एक अनोखा और ऐतिहासिक आयोजन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। हॉकी इंडिया के आह्वान पर शुक्रवार की सुबह 8 बजे से 11 बजे तक बिहार के लगभग 20 जिलों में एक ही समय पर हॉकी मैच खेले गए, जिसमें कुल 1100 खिलाड़ियों ने एकसाथ भाग लेकर राज्य की हॉकी विरासत को नई ऊर्जा दी।
यह आयोजन हॉकी एसोसिएशन ऑफ बिहार के तत्वावधान में संपन्न हुआ। संघ के सचिव श्री राणा प्रताप सिंह एवं पदाधिकारियों को विभिन्न जिलों में पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया ताकि एक समय पर सभी जिलों में मैचों का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
इस भव्य आयोजन में पटना, सहरसा, समस्तीपुर, बेगूसराय, सिवान, नालंदा, मुंगेर, बक्सर, रोहतास, वैशाली, मधेपुरा, गया, खगड़िया, कैमूर, भोजपुर, लखीसराय, अरवल, जहानाबाद सहित कई जिलों ने सक्रिय भागीदारी की।
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पटना के डुंग-डुंग हॉकी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में पूरे जिले से लगभग 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हॉकी स्टिक और बॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर महामना मालवीय मिशन बिहार इकाई के अध्यक्ष श्री विपिन सिंह, नरेश चौहान (उपनिदेशक, खेल विभाग), शैलेंद्र दीक्षित, संजय तिवारी, मो. शफीक, प्रभाकर निगम, अमरेंद्र कुमार, राजा सिंह राणा, अनुज राज, रंजन कुमार, अनुभा सिंह, अनुराग कुमार रॉय, सूरज कुमार, श्वेता सिंह, सोनी तिवारी और तमन्ना राज सहित कई पूर्व हॉकी खिलाड़ी उपस्थित रहे।
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हॉकी एसोसिएशन ऑफ बिहार के संयोजक गौतम कुमार सिन्हा ने बताया कि “भारतीय हॉकी के 100 वर्षों के इस स्वर्णिम अवसर पर बिहार ने एकता और ऊर्जा का संदेश दिया है। इतने बड़े पैमाने पर एक साथ मैचों का आयोजन राज्य की हॉकी परंपरा को नई ऊंचाई देगा।”