राजगीर, 27 अगस्त। लगातार हार के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम अब एशिया कप 2025 में अपनी साख बचाने उतरेगी। 29 अगस्त से राजगीर में शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में न सिर्फ एशियाई खिताब दांव पर होगा, बल्कि 2026 विश्व कप की टिकट भी। मेज़बान बिहार पहली बार पुरुष एशिया कप की मेजबानी कर रहा है।
दबाव में टीम इंडिया
पिछले यूरोप दौरे पर भारत ने आठ में से सात मुकाबले गंवाए थे। लगातार हार से टीम की लय टूटी और रैंकिंग सातवें स्थान पर खिसक गई। अब सवाल यह है कि कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम वापसी कर पाएगी या नहीं।
डिफेंस और गोलकीपिंग की चिंता
कोच क्रेग फुल्टन की “डिफेंड टू अटैक” रणनीति यूरोप में कामयाब नहीं रही। भारत ने 26 गोल खाए और आखिरी क्वार्टर में ढील भारी पड़ी। गोलकीपर कृष्णन पाठक और सूरज करकेरा दबाव झेलने में सफल नहीं रहे।
पेनाल्टी कॉर्नर पर निर्भरता
हर्मनप्रीत की चोटों ने पेनल्टी कॉर्नर पर टीम की धार कमजोर कर दी है। अमित रोहिदास, जुगराज और संजय अभी तक उनकी बराबरी नहीं कर पाए हैं।
पूल और मुकाबले
टूर्नामेंट 29 अगस्त से शुरू होगा।
पूल A : भारत, जापान, चीन, कज़ाख़स्तान
पूल B : मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश, चीनी ताइपे
भारत अपना पहला मैच चीन से खेलेगा।
पाकिस्तान का न होना
सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान ने भाग लेने से इनकार कर दिया। उसकी जगह बांग्लादेश को बुलाया गया है। इससे पारंपरिक भारत-पाक भिड़ंत इस बार नहीं दिखेगी।
भारतीय टीम
गोलकीपर – कृष्णन पाठक, सूरज करकेरा
डिफेंडर – सुमित, जर्मनप्रीत, संजय, हर्मनप्रीत, अमित रोहिदास, जुगराज
मिडफील्डर – राजिंदर, राज कुमार पाल, हार्दिक, मनप्रीत, विवेक सागर
फॉरवर्ड – मनदीप, शिलानंद, अभिषेक, सुखजीत, दिलप्रीत
रिज़र्व – नीलम संजीव ज़ेस, सेल्वम कार्थी
