Tuesday, June 9, 2026
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शान-ए-बिहार : जानें दिग्गज फुटबॉलर संजय दयाल के बारे में, वीडियो

by Khel Dhaba
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पटना। खेल समाचारों का वेबपोर्टल आपका अपना खेलढाबा.कॉम ने एक नई वीडियो शृंखला शुरू की है। इस वीडियो शृंखला में आपको बिहार के वैसी खेल हस्ती के बारे में बताता है जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल जगत की क्षितीज पर अपने गांव, जिला, राज्य और देश का नाम रोशन किया है। शान-ए-बिहार नाम से शुरू इस वीडियो शृंखला की इस कड़ी में आज प्रस्तुत है वैसे शख्स के बारे में जिन्होंने फुटबॉल में खूब नाम कमाया। तो आइए इस वीडियो के माध्यम से जानते हैं बिहार के स्टार फुटबॉलर संजय दयाल के बारे में-

संजय दयाल। बिहार के नामी फुटबॉलर पर चोट की वजह से उनके सुनहरे कैरियर में विराम लग गया। भारतीय रिजर्व बैंक में नौकरी करते हैं। राजधानी के पटना कॉलेजिएट स्कूल के मैदान पर फुटबॉल खेलना शुरू किया। इसके बाद स्कूल टूर्नामेंट खेलना शुरू किया। संत इग्नेसियस स्कूल, गुमला में चलने वाले भारतीय खेल प्राधिकरण के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लिया और इसके बाद आगे बढ़ते चले गए। सुब्रतो कप जीतने वाली स्कूली टीम के सदस्य रहे। इसके बाद कम ही उम्र में बिहार पुलिस में नौकरी लग गई। अपने कैरियर को उड़ान देने के लिए मुंबई चल गए और वहां महिंद्रा एंड महिंद्रा टीम की ओर से मुंबई लीग से लेकर आई लीग तक खेला। महाराष्ट्री टीम की ओर से संतोष ट्रॉफी में खेला। टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बंगाल-मुंबई क्लब (बीएमसी) की ओर से भी खेला। स्टार फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया इनके अच्छे मित्र हैं। 2000 में एक बार फिर बिहार वापस आ गए और बिहार की ओर से भी संतोष ट्रॉफी खेला।



संजय दयाल को फुटबॉल विरासत में मिला। इनके पिता प्रभु दयाल उर्फ मल्लू जी नामी फुटबॉलर थे। उन्हें इसी प्रेम की बदौलत पटना समाहरणालय में नौकरी मिली थी। भाई श्रवण दयाल, समीर दयाल और छोटे भाई सुमन दयाल भी अच्छे फुटबॉलर हैं। इस फैमिली में हर समय सबसे ज्यादा फुटबॉल की ही चर्चा रहती है। कभी किसी बात पर जिरह भी होती है तो फुटबॉल के किक से माहौल खुशनुमा हो जाता है। संजय दयाल के चाचा राजेन्द्र प्रसाद, विनोद प्रसाद सिंह, मामा ब्रह्मदेव सिंह, उनके परिवार से जुड़े शिव प्रसाद, संजय दयाल के दादा जगन्नाथ प्रसाद, बैजनाथ प्रसाद भी बढ़िया फुटबॉलर रहे थे।

आगे की पीढ़ी में सहर्ष कुमार उर्फ सत्यम, सृजन कुमार और सहज कुमार फुटबॉल प्रेम को आगे बढ़ा रहे हैं। फैमिली का छोटा सदस्य संजय दयाल का बेटा सम्यक भी फुटबॉल का दीवाना है।

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