पटना। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सत्र 2023-24 के घरेलू सत्र में बिहार की टीम हर फॉरमेट में एलीट ग्रुप में खेलेगी पर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) की तैयारी फिसड्डी है। अन्य राज्यों में कंडीशनिंग कैंप से लेकर सभी चीजें शुरू हो गई हैं पर बिहार में क्रिकेट संचालन के लिए अलग-अलग दावे करने वाले दोनों गुट (अध्यक्ष एवं सचिव) अभी तक चुप बैठे हुए हैं। क्रिकेट के जानकारों का कहना है कि दोनों गुटों ने सीनियर पुरुष वर्ग के कंडीशनिंग कैंप के लिए अलग-अलग एक लिस्ट जारी तो जरूर कर दी है पर कैंप कब से लगेगा और कहां लगेगा, इसका अभी तक अता-पता नहीं है।
सबसे पहले बात कर लेते हैं बीसीए अध्यक्ष गुट की। अध्यक्ष गुट ने बीसीए सीनियर क्रिकेट टूर्नामेंट के परफॉरमेंस का दावा करने के आधार पर कुल 71 प्लेयरों की लिस्ट को जारी किया है। लोगों का कहना है कि यह लिस्ट में प्लेयरों की संख्या कभी भी बढ़ सकती है। जारी लिस्ट में 35 बैटर/विकेटकीपर व 36 गेंदबाजों का नाम है। यह लिस्ट को जारी किये हुए लगभग 15 दिन बीत गए हैं। इस लिस्ट में शामिल खिलाड़ियों और जगह पाने की आस में बाहर बैठे अन्य खिलाड़ियों को कैंप लगने का इंतजार है। इसी गुट द्वारा अभी पुरुष अंडर-19, अंडर-16 के सुपर लीग व महिलाओं के मैच कराने अभी बाकी हैं।
अब जनता का सवाल
लोग कहते हैं कि इस गुट के पास सारे संसाधन उपलब्ध हैं। बीसीसीआई से भी मान्यता का कोई झंझट अभी तक नहीं है जैसा इनका दावा है और पिछले साल के हालात को देखें तो ऐसा ही कुछ दिखता प्रतीत हो रहा है। पिछली बार इसी गुट की ओर से बीसीसीआई के घरेलू मैचों में टीम भेजी गई थी। फिर किस कारण से कंडीशनिंग कैंप की तिथि और आयोजन स्थल की घोषणा अभी तक नहीं हो पाई है।
अब बात बीसीए सचिव गुट की। इस वर्ष इस गुट ने अपना सबकुछ अलग कराया है। सीनियर से लेकर जूनियर स्तर के क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन जोनल स्तर पर कराये गए हैं। सीनियर टूर्नामेंट के आधार पर इस ग्रुप ने अपने कंडीशनिंग कैंप के लिए 55 प्लेयरों का लिस्ट जारी किया और इस कंडीशनिंग कैंप का आयोजन कब से होगा और कहां होगा यह अभी तक नहीं बता पाया गया है। इस गुट के प्रेस रिलीज में बस इतना बताया गया कि जल्द ही इसकी घोषणा की जायेगी। आखिर जल्द वाला समय कब नजदीक आयेगा।
अब जनता का सवाल
लोगों का सवाल यह भी है कि क्या आप चुनाव में इतने व्यस्त हो गए हैं कि खिलाड़ियों और टीम का कोई ख्याल ही नहीं। चुनाव होते रहेंगे उसे संपन्न कराने वाले अलग विंग है और खेल के लिए अलग विंग। आखिर देर किस बात की है। आपके पास संसाधन हैं या नहीं। बीसीसीआई आपको मानती है या नहीं, इससे प्लेयरों को कोई लेना देना है। अगर कुछ भी संशय था तो फिर मैच क्यों हुआ और उसके बाद यह लिस्ट क्यों जारी हुआ। अगर कोई संशय नहीं तो कैंप की तिथि घोषित करने में देरी क्यों।
इन दोनों सवालों से अलग एक बड़ा सवाल यह है कि दोनों में किसी भी गुट ने इस सत्र के लिए अपने चयनकर्ताओं की नियुक्ति तक नहीं की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पुराने को ही मौका दिया जायेगा। जहां तक जानकारी है किसी भी गुट द्वारा चयनकर्ताओं समेत अन्य सपोर्टिंग स्टॉफ की नियुक्ति के लिए अभी तक कोई आवेदन भी नहीं मांगी गई है। इस काम के लिए थी मुहुर्त का क्या इंतजार किया जा रहा है क्या।
बिहार क्रिकेट जगत का सीधा सवाल यह है कि आप सबों की आपसी लड़ाई चलती रहेगी पर बिहार, बिहार के क्रिकेटरों और बिहार के क्रिकेट व खेल प्रेमियों के लिए आप सभी अपनी राजनीति लड़ाई में क्रिकेट खेल को न घसीटें। खेल की गतिविधियां बेरोक टोक चलती रही हैं। जब सेना यानी प्लेयर पूरी तरह तैयार रहेंगे तभी न युद्ध मैदान यानी क्रिकेट ग्राउंड में अपना जौहर दिखा पायेंगे, चाहे इस लड़ाई यानी बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट में सेना यानी टीम भेजने का मौका जिसे मिले। बिहार क्रिकेट जगत का बस यही कहना है बिहारवासियों को सिर्फ क्रिकेट से मतलब है साहेब। कंडीशनिंग कैंप की तिथि व आयोजन स्थल की घोषणा बिना किसी शुभ मुहुर्त दिखे आप दोनों करें। बीसीए के दोनों गुटों का जवाब आना अभी बाकी है।



