नईदिल्ली, 13 मई। विदेशी कोचों को तरजीह देने के हॉकी इंडिया के रवैये पर सवाल उठाते हुए भारत के महान गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद जूनियर टीम के कोच के पद से उन्हें हटा दिया गया।
दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर मंगलवार को एक पोस्ट में लिखा कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें हटाया गया क्योंकि हॉकी इंडिया जूनियर स्तर पर भी विदेशी कोच चाहता है।
श्रीजेश ने ‘एक्स’ पर लिखा कि लगता है कि मेरा कोचिंग कैरियर डेढ़ साल के बाद ही खत्म हो गया है जिसमें हमने पांच टूर्नामेंट खेले और जूनियर विश्व कप समेत पांच बार पोडियम पर रहे। उन्होंने कहा कि मैने सुना है कि खराब प्रदर्शन के बाद कोचों को हटाया जाता है लेकिन पहली बार विदेशी कोच की नियुक्ति के लिए मुझे हटाया जा रहा है।
श्रीजेश ने कहा कि हॉकी इंडिया अध्यक्ष का कहना है कि सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच जूनियर स्तर पर भी विदेशी कोच चाहते हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे जूनियर स्तर से सीनियर स्तर पर भारतीय हॉकी के विकास में मदद मिलेगी। भारत की जूनियर टीम के कोच के रूप में श्रीजेश का कार्यकाल दिसंबर 2025 में खत्म हो गया था और उन्होंने इस पद के लिए पुन: आवेदन किया था।
भारतीय पुरूष हॉकी टीम के मुख्य कोच दक्षिण अफ्रीका के क्रेग फुल्टोन हैं जबकि महिला टीम के कोच नीदरलैंड के शोर्ड मारिन हैं। श्रीजेश पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने के बाद अंडर 21 पुरुष टीम के मुख्य कोच बने थे जिनके कार्यकाल में टीम ने जूनियर एशिया कप में स्वर्ण, जूनियर विश्व कप और जोहोर कप में कांस्य पदक जीता था।
श्रीजेश ने आगे लिखा कि क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी का विकास नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कहा था कि देश को उनके जैसे कोचों की जरूरत है लेकिन हॉकी इंडिया का भरोसा सिर्फ विदेशी कोचों पर है।
उन्होंने कहा कि सात मार्च 2026 को माननीय खेलमंत्री मनसुख मांडविया के साथ एक मुलाकात में मुझे कहा गया था कि 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए श्रीजेश हमें तुम्हारे जैसे कोचों की जरूरत है। श्रीजेश ने कहा कि लेकिन हॉकी इंडिया का भरोसा चारों टीमों के लिये भारतीय कोचों की बजाय विदेशी कोचों पर है। उन्होंने इस पोस्ट में खेलमंत्री, पीएमओ, हॉकी इंडिया, भारतीय खेल प्राधिकरण और हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की को टैग किया है।