पटना, 5 मई। बिहार फुटबॉल संघ में प्रशासनिक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। संघ की एक असाधारण आम बैठक (ईओजीएफ) 24 मई को पटना जिला में बुलाई गई है, जिसमें मौजूदा पदाधिकारियों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और नए पदाधिकारियों के चयन की प्रक्रिया शुरू करने का एजेंडा तय किया गया है।
इस बैठक का निर्णय संघ के अध्यक्ष प्रसनजीत मेहता द्वारा 26 अप्रैल को जारी पत्र के आधार पर लिया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि दो-तिहाई से अधिक संबद्ध सदस्य संघों की मांग पर यह विशेष बैठक बुलाई जा रही है।
पत्र के अनुसार बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य कारणों से अध्यक्ष स्वयं नहीं भी कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में यह जिम्मेदारी संघ के उपाध्यक्ष प्रभाकर जायसवाल को सौंपी गई है जो बैठक का संचालन करेंगे।
संघ के उपाध्यक्ष प्रभाकर जायसवाल द्वारा विभिन्न जिला संघों को 1 मई को भेजे गए पत्र के अनुसार यह बैठक 24 मई को सुबह 11 बजे से आयोजित होगी। सभी जिला इकाइयों के सचिवों को समय पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई सचिव उपस्थित नहीं हो सकते हैं तो वह लिखित रूप से अधिकृत प्रतिनिधि भेज सकता है।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा जारी पत्र के अनुसार बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी/पदाधिकारियों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, नए पदाधिकारियों का चयन ( अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष (2 पद), सहायक सचिव)। समेत कई अन्य मुद्दों पर गहन चर्चा होने की बात कही गई है।
बैठक में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के संविधान/बायलॉज को अपनाया जाएगा। साथ ही उस संविधान के अनुसार आगामी 26 दिसंबर से पहले बिहार फुटबॉल संघ का चुनाव कराने लेने पर चर्चा होगी। चुनाव होने तक दैनिक कार्यों का संचालन नई अस्थायी व्यवस्था द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 7 सदस्यों की एक समिति गठित की जाएगी।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि बिहार फुटबॉल संघ के सचिव को 45 दिनों तक किसी भी सामान्य या आपात बैठक बुलाने से रोका गया है। साथ ही सभी जिला इकाइयों के पदाधिकारियों को लेकर स्टेटस-क्वो बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।