पटना, 8 दिसंबर। हैंडबॉल खेल और खिलाड़ियों के लिए वर्ष 2025 का अंतिम माह बड़ी सौगात लेकर आया है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (एचएफआई) की वर्षों पुरानी मान्यता को बहाल करते हुए आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले से बिहार हैंडबॉल संघ के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों में उत्साह और खुशी का माहौल है।
बिहार हैंडबॉल संघ के महासचिव एवं हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष ब्रजकिशोर शर्मा ने बताया कि आईओए के इस निर्णय से देशभर के खिलाड़ियों में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के नाम पर बनाई गई समानांतर संस्था द्वारा खिलाड़ियों को गुमराह किया जा रहा था, लेकिन अब खिलाड़ी भ्रमित नहीं होंगे। शर्मा के अनुसार दोनों संघों का विवाद इस समय माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और आईओए ने गहन जांच के बाद यह निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि भारत में 1971 से हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ही इस खेल के विकास के लिए मान्यता प्राप्त संस्था रही है। 30 जुलाई 2025 को आईओए ऑब्जर्वर की उपस्थिति में एचएफआई के चुनाव संपन्न हुए थे, जिसमें महेश कुमार अध्यक्ष, डॉ. प्रीतपाल सिंह सलूजा महासचिव और गुरशरण सिंह गिल को कोषाध्यक्ष चुना गया। 3 दिसंबर 2025 को कार्यालय पत्रांक 2665 के माध्यम से आईओए ने एचएफआई की संबद्धता बहाल करने की औपचारिक घोषणा की।
मान्यता बहाल होने पर बिहार हैंडबॉल संघ के चेयरमैन विधान पार्षद इंजीनियर सच्चिदानंद राय, अध्यक्ष पंकज कुमार, कोषाध्यक्ष त्रिपुरारी प्रसाद, उपाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, गोपाल जी, आलोक कुमार, डॉ. अनुज कुमार, इंजीनियर अशोक सिंह, विनय कुमार, चंदन कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे हैंडबॉल खेल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।