पटना, 14 अक्टूबर। एक तरफ जहां भारत में विश्व कप क्रिकेट का आयोजन हो रहा है। खिलाड़ी मैदान में चौके-छक्के जमा रहे हैं। शनिवार को भारत और पाकिस्तान का महामुकाबला खेला जाना है। इससे इतर बिहार क्रिकेट जगत में राजनीनि का बाजार गर्म है। रोज कुछ नया हो रहा है।
इन राजनीति उठापटक के बीच कटिहार जिला क्रिकेट संघ के सचिव रितेश कुमार ने एक बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है। उन्होंने बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष के प्रमुख सलाहकार रविशंकर प्रसाद सिंह का एक मुद्दे पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि जब आपके कार्यकाल के समय जिला संघों पर लोढ़ा समिति की सिफारिश को लागू किया गया जिसे जिला संघों ने अडाप्ट किया फिर क्यों बीसीए जिला संघों में रिड्रेसल ग्रीवेंस के मामले में हस्तक्षेप करता है।

उन्होंने कहा कि जिस तरीके से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) बीसीए के मामले में हस्तक्षेप नहीं करता है ठीक उसी तरह बीसीए को भी जिला संघों के मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। जिला संघों को अपने मामले को खुद निपटाने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने कुछ घटनाचक्र का जिक्र करते हुए कहा है कि यहां विवाद दो पार्टियों के बीच होता है और बीसीए में फैसला तीसरी पार्टी के लिए आ जाता है।

उन्होंने अध्यक्ष के मुख्य सलाहकार से सवाल किया है कि क्या बीसीए ने जिला संघों के ऊपर से लोढ़ा सिमिति के सिफारिश को हटा दिया है अगर इसे हटा दिया गया है तो बीसीए इसको अपने ऑफिशल वेबसाइट पर प्रदर्शित करें अगर नहीं हटाया गया है तो जिला संघो के रिड्रेसल ग्रीवेंस (आपसी विवाद) मे हस्तक्षेप बंद करें अन्यथा इस पर कानून का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होना पड़ेगा।
गौरतलब है कि रितेश कुमार कटिहार जिला क्रिकेट संघ के सचिव के पद पर कार्यरत हैं पर जिस संघ से ताल्लुक रखते हैं उसे वर्तमान समय में बिहार में क्रिकेट का संचालन कर रहा बिहार क्रिकेट एसोसिएशन मान्यता नहीं दे रखा है। वे बिहार क्रिकेट संघ को लेकर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं।

