बेंगलुरु, 15 सितंबर। मध्य क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 साल बाद दलीप ट्रॉफी चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबले में मध्य क्षेत्र ने दक्षिण क्षेत्र को छह विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की।
मामूली लक्ष्य भी बना रोमांचक
दक्षिण क्षेत्र ने मध्य क्षेत्र के सामने 65 रन का लक्ष्य रखा था। हालांकि यह लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों ने मध्य क्षेत्र के बल्लेबाजों को कड़ी चुनौती दी। अंततः मध्य क्षेत्र ने 20.3 ओवर में चार विकेट पर 66 रन बनाकर मैच जीत लिया और अपना सातवां खिताब हासिल किया।
राठौड़ और वाडकर बने नायक
पहली पारी में शतक जड़ने वाले यश राठौड़ (नाबाद 13 रन, 16 गेंद) और अक्षय वाडकर (नाबाद 19 रन, 52 गेंद) ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। राठौड़ को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।

गेंदबाजों का भी शानदार प्रदर्शन
बाएं हाथ के स्पिनर अंकित शर्मा ने दानिश मालेवार और कप्तान रजत पाटीदार के अहम विकेट लिए। वहीं, भारत ए टीम में शामिल किए गए तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह ने शुभम शर्मा और सारांश जैन को आउट किया।
कप्तानों की प्रतिक्रिया
विजयी कप्तान रजत पाटीदार, जो इस साल IPL में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को खिताब दिला चुके हैं, ने कहा कि हर कप्तान के लिए ट्रॉफी जीतना गौरव की बात होती है। हमारी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार जज्बा दिखाया।
दक्षिण क्षेत्र के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने हार के बावजूद टीम के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि फाइनल में पहुंचना हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। यह अनुभव आगामी रणजी ट्रॉफी सत्र में काम आएगा।
11 साल बाद मिली ट्रॉफी
इस जीत के साथ मध्य क्षेत्र ने 2014 के बाद पहली बार दलीप ट्रॉफी का खिताब जीता और एक लंबे इंतजार को खत्म किया।
