वैंकूवर, 22 जून। स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद सालाह के शानदार प्रदर्शन की बदौलत मिस्र ने फीफा विश्व कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली। ग्रुप-जी के मुकाबले में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर न केवल महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए, बल्कि नॉकआउट चरण की दौड़ में भी खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शुरुआती बढ़त बनाई थी, लेकिन मिस्र ने शानदार वापसी करते हुए मैच पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। जीत के नायक बने सालाह ने 67वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई।
न्यूजीलैंड ने की तेज शुरुआत
न्यूजीलैंड ने मैच के 15वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली थी। टिम पेन की कॉर्नर किक पर फिन सुरमन ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
हालांकि शुरुआती झटके के बाद मिस्र ने लगातार दबाव बनाना शुरू किया। 35वें मिनट में उमर मरमौश की फ्री-किक पर सालाह गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास साइड नेट में चला गया।
दूसरे हाफ में मिस्र की जोरदार वापसी
मिस्र ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाया और 58वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। मुस्तफा ज़िको ने शानदार हेडर के जरिए स्कोर 1-1 कर दिया।
इसके बाद 67वें मिनट में मोहम्मद सालाह ने अपना 68वां अंतरराष्ट्रीय गोल दागकर मिस्र को 2-1 की बढ़त दिला दी। गोल के बाद सालाह ने मुट्ठी हवा में लहराकर जश्न मनाया, जबकि स्टेडियम में मौजूद हजारों मिस्री समर्थकों ने जोरदार उत्साह दिखाया।
मिस्र की जीत पर मुहर 82वें मिनट में लगी, जब ट्रेज़ेगुएट ने हेडर के जरिए टीम का तीसरा गोल दाग दिया।
रिकॉर्ड के करीब पहुंचे सालाह
इस गोल के साथ सालाह मिस्र के लिए सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले दिग्गज कोच होसाम हसन के रिकॉर्ड की बराबरी से केवल एक गोल दूर रह गए हैं। मैच के 85वें मिनट में जब उन्हें मैदान से बाहर बुलाया गया तो दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया।
नॉकआउट की ओर बढ़ा मिस्र
इस जीत के साथ मिस्र ग्रुप-जी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि उसकी नॉकआउट दौर की जगह अभी पक्की नहीं हुई है। अब मिस्र को अपने अंतिम ग्रुप मैच में ईरान का सामना करना है, जहां एक ड्रॉ भी उसे अगले दौर में पहुंचा सकता है।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के लिए यह हार झटका साबित हुई। टीम ने पहले मैच में ईरान के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था, लेकिन इस मुकाबले में बढ़त हासिल करने के बावजूद वह अंक जुटाने में नाकाम रही।
मिस्र ने अपने पहले मैच में बेल्जियम के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था, जबकि ग्रुप के दूसरे मुकाबले में बेल्जियम और ईरान गोलरहित बराबरी पर रहे।