मियामी गार्डन्स (फ्लोरिडा), 22 जून। फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार खेल रही केप वर्दे की टीम लगातार इतिहास रच रही है। स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोकने के बाद अफ्रीकी टीम ने दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को भी 2-2 की बराबरी पर रोककर टूर्नामेंट का एक और बड़ा उलटफेर कर दिया।
केप वर्दे ने मुकाबले में पहले बढ़त हासिल की और फिर पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए एक महत्वपूर्ण अंक अर्जित किया। इस परिणाम के साथ उसकी नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
विश्व कप में केप वर्डे का पहला गोल
मैच के 21वें मिनट में केविन पीना ने शानदार फ्री-किक को गोल में बदलकर विश्व कप इतिहास में केप वर्दे का पहला गोल दर्ज किया। हालांकि उरुग्वे ने पहले हाफ के अंतिम क्षणों में वापसी करते हुए मैक्सी अराउजो (44वां मिनट) और अगस्टिन कैनोबियो (45+6 मिनट) के गोल की बदौलत 2-1 की बढ़त बना ली।
पहले हाफ तक ऐसा लग रहा था कि उरुग्वे मुकाबला अपने नाम कर लेगा, लेकिन केप वर्दे ने हार नहीं मानी।
वारेला ने दिलाई शानदार वापसी
दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के कुछ ही मिनट बाद हेलियो वारेला ने 61वें मिनट में उरुग्वे की रक्षापंक्ति की गलती का फायदा उठाकर बराबरी का गोल दाग दिया। मैथियास ओलिवेरा के खराब पास और गोलकीपर फर्नांडो मुसलेरा की गलत पोजिशनिंग का फायदा उठाते हुए वारेला ने गेंद को नेट में पहुंचा दिया।
वारेला ने मैच के बाद कहा, “मैंने इसका सपना जरूर देखा था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि विश्व कप में अपने पदार्पण मैच में राष्ट्रीय टीम के लिए पहला गोल कर पाऊंगा। यह एहसास शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”
छोटे देश की बड़ी उड़ान
अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित द्वीपीय देश केप वर्दे की आबादी करीब पांच लाख है। जनसंख्या के हिसाब से यह विश्व कप में खेलने वाला तीसरा सबसे छोटा देश है। इसके बावजूद टीम बड़े देशों और दिग्गज खिलाड़ियों के सामने बेखौफ नजर आ रही है।
कोच पेड्रो लीटाओ ब्रिटो ने कहा, “हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि कोई देश छोटा हो सकता है, आर्थिक चुनौतियों से जूझ सकता है, लेकिन जज्बा और संघर्ष की भावना हो तो वह किसी भी बड़ी टीम के सामने मजबूती से खड़ा हो सकता है।”
नॉकआउट की दौड़ में मजबूत दावेदारी
स्पेन के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ और अब उरुग्वे के खिलाफ 2-2 की बराबरी के बाद केप वर्दे के दो अंक हो गए हैं। ग्रुप एच में उसके उतने ही अंक हैं जितने उरुग्वे के हैं। अब उसका अंतिम मुकाबला सऊदी अरब से होगा, जिसमें जीत उसे नॉकआउट चरण में पहुंचा सकती है।
वहीं उरुग्वे के लिए यह लगातार दूसरा ड्रॉ रहा। इससे पहले टीम सऊदी अरब के खिलाफ भी 1-1 की बराबरी पर रुकी थी। उरुग्वे ने मैच के अंतिम क्षणों में कई मौके बनाए, लेकिन उन्हें गोल में नहीं बदल सकी और उसे एक अंक से संतोष करना पड़ा।