बैंकाक, 23 मार्च। भारतीय तीरंदाजी टीम नए अंतरराष्ट्रीय सत्र की शुरुआत एशिया कप के पहले चरण से करने जा रही है, जिसकी शुरुआत मंगलवार से होगी। इस बार टीम चयन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, क्योंकि अनुभवी और बड़े नामों की जगह युवा और उभरते खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। बिहार की अंशिका कुमारी अपनी प्रतिभा दिखायेंगी।
युवा खिलाड़ियों पर भरोसा
दीपिका कुमारी, अंकिता भकत, धीरज बोम्मादेवरा, तरूणदीप राय, ज्योति सुरेखा वेन्नम और अभिषेक वर्मा जैसे दिग्गज इस टीम का हिस्सा नहीं हैं। टीम प्रबंधन का साफ इरादा है कि आगामी व्यस्त सीजन, खासकर सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को आजमाया जाए।
विश्व कप में होगी सीनियर्स की वापसी
हालांकि, ये बड़े खिलाड़ी अप्रैल में मैक्सिको और शंघाई में होने वाले विश्व कप के शुरुआती चरणों में वापसी करेंगे।
पिछले प्रदर्शन से बढ़ा भरोसा
पिछले साल भारत ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण सहित कुल आठ पदक जीते थे। इस बार भी टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है, खासकर तब जब दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम इस चरण में हिस्सा नहीं ले रही है। हालांकि चीन और बांग्लादेश से कड़ी चुनौती मिल सकती है।
कंपाउंड टीम से पदक की उम्मीद
कंपाउंड पुरुष वर्ग में भारत की नजरें दुनिया के चौथे नंबर के तीरंदाज ऋषभ यादव पर होंगी, जिनके साथ एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता प्रथमेश जावकर और अनुभवी रजत चौहान भी टीम में शामिल हैं। वहीं महिला वर्ग में ज्योति वेन्नम की गैरमौजूदगी में 20 वर्षीय चिकिथा तानीपर्थी पर सबकी निगाहें टिकी होंगी।
नई प्रतिभाओं को मौका
रिकर्व वर्ग में भी कई नए चेहरों को मौका मिला है, जो इस मंच पर खुद को साबित करने की कोशिश करेंगे।
भारतीय टीम
रिकर्व पुरुष: देवांग गुप्ता, आरव पूनिया, जुयेल सरकार, सुखचैन सिंह
रिकर्व महिला: कीर्तिक, अंशिका कुमारी, रूमा बिस्वास, रिद्धि
कंपाउंड पुरुष: रजत चौहान, प्रथमेश जावकर, उदय कम्बोज, ऋषभ यादव
कंपाउंड महिला: स्वाति दुधवाल, राज कौर, तेजल साल्वे, चिकिथा तानीपर्थी