पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में नियमों और संविधान की धज्जियां उड़ना कोई नहीं बात है। संविधान और नियमों को तोड़ते हुए एक बार फिर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ने एक फैसला लिया है। कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ने मुंगेर जिला क्रिकेट संघ के शंकर देव चौधरी को संघ का संयुक्त सचिव मनोनित किया है।
जानकारों का कहना है कि सबसे पहले जो पद इलेक्टेड है उसे इलेक्शन से भरा जाना चाहिए। दूसरी बात यह है कि पद खाली होने के 45 दिनों के अंदर उसे भर दिया जाना चाहिए। तीसरी बात पहले सचिव का पद खाली हुआ उसे लगभग दो साल हुआ उसे भरा नहीं गया। तीसरी बात ऐसे फैसले आम सभा के द्वारा लिया जाना चाहिए। चौथी बात कमेटी ऑफ मैनेजमेंट की बैठक ही गलत है। कमेटी ऑफ मैनेजमेंट बैठक के कोरम को नहीं पूरा करता है।
बिहार क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह ने खेलढाबा से फेसबुक लाइव पर बातचीत में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की गलत नीतियों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन असंवैधानिक पर असंवैधानिक कार्य किये जा रहा है।
बीसीए मीडिया कमेटी के संयोजक प्रवक्ता कृष्णा पटेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीसीए अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में बीसीए उपाध्यक्ष दिलीप सिंह, कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन सिंह, आइसीए मेंबर व खिलाड़ी प्रतिनिधि अमीरकर दयाल मौजूद रहें और अपना- अपना विचार प्रकट करते हुए गहन विचार-विमर्श कर कई फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी। इस बैठक में जिला प्रतिनिधि सह क्रिकेट संचालन के मामले को नये तथ्यों के साथ लोकपाल के पास पुनर्विचार के लिए भेजे जाने पर सहमति बनी। वहीं बिहार क्रिकेट संघ द्वारा सपोर्टिंग स्टाफ की नव नियुक्ति के लिए दिए गए विज्ञापन के तहत सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने पर मुहर लगी।






