पटना। लोढ़ा कमेटी वर्तमान समय में भारतीय क्रिकेट जगत का एक धर्म ग्रंथ के सामान है। हर कोई इसकी ही दुहाई देकर क्रिकेट का पाठ पढ़ाता है। खुद इस धर्म ग्रंथ का पालन करे या नहीं करे पर दूसरों को इसके उसूलों को मानने का प्रवचन देता और उस पर हेकड़ी दिखाता है। इसी हेकड़ी के तहत बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के वर्तमान सत्ताधारी पदाधिकारियों ने चुनावी वर्ष में जिला संघों पर अपनी दादागिरी दिखानी शुरू कर दी है।
वर्तमान समय में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की बात तो छोड़ दीजिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में लोढ़ा कमेटी के नियम लागू नहीं हैं पर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में वर्ष 2017 से जिला संघों पर लोढ़ा कमेटी के नियम को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। लागू किया भी गया।
तत्काल मामला यह है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने जिला संघों से उसकी खाता वही मांगी है। यह खाता वही वाद संख्या 12/ 2021 (जिया एकबाल वनाम बिहार क्रिकेट एसोसिएशन) में दिए गए माननीय लोकपाल के आदेश के आलोक में अवकाश प्राप्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री नंद कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गठित कमेटी के द्वारा मांगी गई है।
जो ब्योरा जिला संघों से मांगा गया है वह है
1. जिला क्रिकेट संघ का नाम
2. बिहार क्रिकेट संघ से संबद्धता का वर्ष
3. वर्तमान में कार्यशील रहे जिला संघ के पदाधिकारियों के चुनाव संबंधी संपूर्ण विवरण, चुनाव पदाधिकारी का नाम, चुनाव की तिथि की घोषणा, अभिप्रमाणित मतदाता सूची, नामांकन की तिथि, नामांकन पत्र की जांच वापसी एवं छंटनी (स्क्रुटनी) की तिथि, ए जी एम सह चुनाव स्थल का विवरण, साक्ष्य सहित प्रस्तुत करें।
4.18 फरवरी 2017 के बाद जो भी चुनाव कराए गए हैं, उसका पूर्ण विवरण साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करें।
5.बिहार क्रिकेट संघ द्वारा निर्गत 18 फरवरी 2017 के पत्र प्राप्ति के समय (लोढ़ा कमेटी की अनुशंसा के संदर्भ में) की जिला क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी की पूरी सूची साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करें।
6. सत्र 2016 -17, 2017-18, 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22 में आपके जिला संघ से कितने क्लब संबद्ध थे, उनका विवरण साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करें।
7.लोढ़ा कमेटी अनुशंसा अनुपालन की तिथि साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करें।
8. लोढ़ा कमेटी के अनुशंसा अनुपालन के बाद की कार्यकारिणी के सदस्यों का 70 वर्ष से अधिक एवं सरकारी नौकरी नहीं होने का शपथ पत्र प्रस्तुत करें।
- 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22 के बैंक खाते का विवरण, हस्ताक्षरी के नाम – पदनाम साथ प्रस्तुत करें।
10.क्या आपके जिला क्रिकेट संघ का चुनाव किसी पर्यवेक्षक की उपस्थिति में हुआ था, यदि हां, तो पर्यवेक्षक का पूर्ण विवरण देते हुए उनकी उपस्थिति का प्रमाण भी प्रस्तुत करें ।
11. आप अपने जिला क्रिकेट संघ का नियमावली (वॉय- लाज) प्रस्तुत करें।
उपरोक्त सभी प्रश्नों के जवाब व संलग्न प्रपत्र एक सप्ताह के भीतर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के कार्यालय, शैलराज कांपलेक्स बुद्ध मार्ग, पटना में समर्पित कर प्राप्ति रसीद प्राप्त करने की कृपा करें।
त्रिसदस्यीय कमेटी के चेयरमैन, अवकाश प्राप्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री नंद कुमार श्रीवास्तव के निर्देशानुसार यह मेल प्रेषित किया जा रहा है।
सवाल यह है कि जिला संघों से तो लोढ़ा कमेटी के नियमों के तहत सारी जानकारियां मांगी जा रही है पर लोकपाल के आदेश पर जिसने यह कमेटी बनाई है क्या खुद लोढ़ा कमेटी के नियमों का पालन करता है। क्रिकेट जानकार कहते हैं खुद ठीक ही नहीं हैं और चलने है दूसरे को ठीक करने। क्रिकेट जानकार करते हैं अगर लोढ़ा कमेटी के नियमों का अनुपालन हुआ रहता तो एक ही व्यक्ति स्वयंभू होकर सबों पद पर आसीन नहीं रहता है। इस मामले को लेकर बिहार क्रिकेट संघ के लोकपाल के पास एक क्रिकेट प्रेमी ने अपील दायर कर दी है।
लोढ़ा कमेटी तो कहता है कि जो भी पद खाली हो उस पर 45 दिनों के अंदर चुनाव करा लिया जाए पर चुनाव नहीं हुए। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के विश्वस्त सूत्र तो यह भी बताते हैं कि एक व्यक्ति तीन पद पर आसीन हैं। इसी तरीके से कुछ पदाधिकारी दो-दो पर बने हुए। क्या यह लोढ़ा कमेटी के नियमों का उल्लंघन नहीं है। लोढ़ा कमेटी और बहुत सारे नियम हैं पर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन कितने को मानता है। खुद का खाता वही ठीक ही नहीं है तो दूसरे का खाता वही क्यों चेक करने पर तुले हैं। पहले खुद ठीक होइए तब दूसरों को ठीक करें।




