नई दिल्ली, 1 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार यानी 1 फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में युवा मामले और खेल मंत्रालय को बड़ी राहत मिली है। मंत्रालय के कुल बजट में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की गई है, जिसमें सबसे बड़ा फायदा खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र को हुआ है।
खेल मंत्रालय का कुल बजट
2026 के लिए कुल आवंटन: 4479.88 करोड़ रुपये
2025-26 (संशोधित अनुमान): 3346.54 करोड़ रुपये
कुल बढ़ोतरी: 1133.34 करोड़ रुपये
खेल सामग्री क्षेत्र को ऐतिहासिक बढ़ावा
केंद्र सरकार ने खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र को पहली बार 500 करोड़ रुपये का सीधा बजट आवंटन दिया है। इससे भारत को उच्च गुणवत्ता और किफायती खेल सामग्री के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहल डिज़ाइन, विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी और मेक इन इंडिया के तहत स्टार्टअप्स को नई ताकत मिलेगी।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को बढ़ा बजट
राष्ट्रीय शिविरों, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और स्टेडियमों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने वाले
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का बजट:
पहले: 880 करोड़ रुपये
अब: 917.38 करोड़ रुपये
डोपिंग रोधी संस्थानों के बजट में कटौती
राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला: 28.55 करोड़- 23 करोड़
राष्ट्रीय डोपिंग-विरोधी एजेंसी: 24.30 करोड़-20.30 करोड़

खेलो इंडिया को फिर सबसे बड़ा आवंटन
सरकार के प्रमुख कार्यक्रम खेलो इंडिया के लिए:
2026 आवंटन: 924.35 करोड़ रुपये
2025 में आवंटन: 1000 करोड़
पिछले वर्ष वास्तविक खर्च: 700 करोड़
इसके साथ ही सरकार ने ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य अगले दशक में:
प्रशिक्षण केंद्रों का व्यवस्थित विकास
प्रशिक्षकों और सहायक स्टाफ की तैयारी
खेल विज्ञान और तकनीक का एकीकरण
जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज को मजबूती देना
राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य प्रमुख आवंटन
राष्ट्रमंडल खेल सहायता: 28.05 करोड़-50 करोड़ (78% वृद्धि)
(खेल जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होंगे)
राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय: 78.64 करोड़-46.98 करोड़
राष्ट्रीय खेल विकास कोष: 3 करोड -5 करोड़
खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि: 28 करोड़-40 करोड़
राष्ट्रीय खेल संघों को सहायता: 400 करोड़-425 करोड़
युवा कार्यक्रमों को भी मजबूती
युवा व किशोर विकास राष्ट्रीय कार्यक्रम: 58.41 करोड़
युवा हॉस्टल: 1.10 करोड़-19.20 करोड़
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस): 275 करोड़-357.39 करोड़