आधुनिक खेलों की शुरुआत वर्ष 1896 में हुई और इसकी मेजबानी का मौका यूनान के शहर के एथेंस को मिला। चूंकि प्राचीन यूनान ओलंपिक खेलों का जन्म स्थान था इसीलिए पहले आधुनिक खेलों के पहले आयोजन की जिम्मेवारी भी यूनान को सौंपी गई।
यूनान को मेजबानी वर्ष 1894 में 23 जून को आधुनिक ओलंपिक खेलों के जनक पियरे डे कोबेर्टिन (फ़्रांसीसी शिक्षाशास्त्री और इतिहासकार) द्वारा पेरिस में आयोजित एक सम्मेलन (कांग्रेस) के दौरान दी गई। इस बैठक में इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी का गठन किया गया और यही ओलंपिक अब तक ओलंपिक खेलों की मेजबानी का फैसला करता आ रहा है।
अनेक बाधाओं और असफलताओं के बावजूद 1896 ओलंपिक का आयोजन एक बड़ी सफलता मानी गई। यह उस समय तक के किसी भी खेल आयोजन की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी थी।

पानाथिनाइको स्टेडियम में उद्घाटन समारोह
अप्रैल 6 (ग्रीस में तब उपयोग होने वाले जूलियन कैलेंडर के अनुसार मार्च 25) के दिन पहले ओलंपिक खेलों का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया। यह दिन पश्चिमी और पूर्वी ईसाई चर्चों के लिए ईस्टर सोमवार और ग्रीस की आज़ादी की वर्षगांठ का दिन था।
80 हजार दर्शक थे मौजूद
पानाथिनाइको स्टेडियम ग्रीस के राजा जॉर्ज प्रथम, उनकी पत्नी ओल्गा और उनके बेटों सहित अनुमानित 80,000 दर्शकों से भरा हुआ था। अधिकांश प्रतिभागी अपनी राष्ट्रीयता के अनुसार समूहीकृत करके खड़े थे। आयोजन समिति के अध्यक्ष युवराज कॉन्स्टैन्टाइन के भाषण के बाद, उनके पिता ने आधिकारिक तौर पर खेलों का उद्घाटन किया। इसके पश्चात्, नौ बैंडो और 150 कोरस गायकों ने ओलम्पिक गीत पर कृत्य पेश की, जिसके रचयिता थे स्पिरिडिन सेमरस और बोल दिये थे कोसटिस पैलेमस ने।

इन खेलों की स्पर्धाएं हुई थीं आयोजित
पहले आधुनिक खेलों में एथलेटिक्स,जिम्नास्टिक्स, भारोत्तोलन, कुश्ती, तैराकी, टेनिस, निशानेवाजी, साइकल चालन और तलवारबाजी खेलों की कुल 43 स्पर्धाएं आयोजित की गई थीं। यों तो 1894 सोरबोन सम्मेलन में एथेंस में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए कई खेलों को शामिल करने के सुझाब दिये गए थे। खेल प्रतिस्पर्धाओं से सम्बन्धित शुरुआती आधिकारिक घोषणाओं में फ़ुटबॉल और क्रिकेट जैसी खेल प्रतिस्पर्धाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित करने की बात कही गई थी, लेकिन इन योजनाओं को अंतिम रूप कभी नहीं दिया गया।
कुल 14 देशों ने लिया था हिस्सा
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के आंकड़ों के अनुसार एथेंस ओलंपिक खेल में कुल 14 देशों ने हिस्सा लिया था। भाग लेने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया चिली, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन, ग्रीस, हंगरी, इटली, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, अमेरिका शामिल है। कुल 241 एथलीटों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
पहला चैंपियन
अमेरिकी खिलाडी जेम्स कोलोनी ने ट्रिपल जंप जीतकर आधुनिक युग के पहले ओलंपिक चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। वो ऊंची कूद में दूसरे और लंबी कूद में तीसरे स्थान पर रहे। सबसे सफल खिलाड़ी जर्मनी के जिम्नास्ट कार्ल शुहमान थे, जिन्होंने चार स्पर्धाएं जीतीं थीं |

मेडल टैली में अमेरिका रहा टॉप पर
इस प्रतियोगिता में 14 देशों ने हिस्सा लिया जिसमें से दस देशों ने मेडल टैली में अपनी जगह बनाई। इसके अलावा तीन पदक मिश्रित टीमों द्वारा जीते गये। अर्थात वो टीमें जो कई देशों के एथलीटों को मिला के बनी थीं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने सबसे अधिक स्वर्ण पदक (11) जीते। मेजबान देश ग्रीस ने समग्र तौर पर सबसे अधिक पदक (46) के साथ-साथ सबसे अधिक रजत (17) और कांस्य पदक (19) भी जीते। संयुक्त राज्य अमेरिका की तुलना में एक स्वर्ण पदक कम हासिल करने के कारण ग्रीस पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे स्थान पर रहा जर्मनी जिसने छह स्वर्ण पदकों सहित कुल 13 पदक जीते।
ऐसे पदक मिले
प्रथम स्थान के विजेताओं को एक रजत पदक, एक जैतून शाखा और एक प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता था। दूसरे स्थान पर आने वाले को एक तांबे का पदक, कल्पवृक्ष की शाखा और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता था |
यादगार पल
ग्रीस के एथलीट स्पाईरीदोन लुईस 40 किमी. के विजेता बने। दौड़ के आखिरी लैप में उनको देखकर ग्रीस के राजा जॉर्ज प्रथम भी साथ दौड़ने लगे थे।
एथेंस ओलंपिक की महत्वपूर्ण बातें
►आयोजन स्थल : एथेंस (यूनान)
►आयोजन तिथि : 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक
►उद्घाटनकर्ता : किंग जॉर्ज प्रथम
►भाग लेने वाले देश: 14
►पहला चैंपियन : अमेरिका के जेम्स कोलोनी
►सबसे सफल खिलाडी : जर्मनी के जिमनास्ट कार्ल शुहमान
►सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक जीते: अमेरिका (14 स्वर्ण पदक)
►भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या : 241
►खेल प्रतियोगिताएं खेली गयी थीं: 43
►आयोजन का जिम्मा : आईओए (देमित्रिस विकेलस, अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के पहले अध्यक्ष)
►उद्घाटन स्थल : पैनाटिनाइक स्टेडियम
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