पटना, 21 जनवरी। राजधानी पटना का ऐतिहासिक मोईन-उल-हक स्टेडियम गुरुवार 22 जनवरी से एक बार फिर रणजी क्रिकेट के निर्णायक मुकाबले का गवाह बनेगा। रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार और मणिपुर की टीमें आमने-सामने होंगी। इस मैच की विजेता टीम को अगले सत्र में एलीट ग्रुप में खेलने का अधिकार मिलेगा, जिससे मुकाबले का महत्व और बढ़ गया है।
पिछली बार से काफ़ी कुछ मिलता-जुलता
प्लेट से एलीट ग्रुप में बिहार की पिछली पदोन्नति भी मणिपुर के खिलाफ ही हुई थी। उस समय बिहार ने 220 रन की बड़ी जीत दर्ज कर एलीट ग्रुप के लिए क्वालिफाई किया था। संयोगवश मुकाबले की तिथि भी लगभग यही थी। उस टीम के मैनेजर नंदन सिंह और सहायक कोच संजय कुमार थे। हालांकि इस बार हेड कोच और कप्तान बदले हुए हैं और टीम का संयोजन भी नया है, लेकिन लक्ष्य वही पुराना—एलीट ग्रुप में वापसी। इस मैच की पहली पारी में सकीबुल गनी (205 रन) ने दोहरा शतक जमाया था जबकि विपिन सौरभ (155 रन) ने शतक जमाया था। दूसरी पारी में सचिन कुमार सिंह (132 रन) ने शतक जमाया था। हालांकि वे फिलहाल फाइनल खेलने वाली टीम का हिस्सा नहीं हैं।
गेंदबाजी में नवाज खान ने दोनों पारियों में 5-5 विकेट चटकाये। नवाज खान भी फाइनल मैच की टीम में नहीं हैं।
एलीट ग्रुप का टिकट दांव पर
यह फाइनल सिर्फ़ ट्रॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट के शीर्ष स्तर में जगह बनाने की आख़िरी बाधा भी है। इसी वजह से दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला “करो या मरो” जैसा माना जा रहा है।
आत्मविश्वास से भरा बिहार
बिहार की टीम हालिया प्रदर्शन के दम पर उत्साह में है। कप्तान सकीबुल गनी के नेतृत्व में टीम ने पूरे सीज़न संतुलित और अनुशासित क्रिकेट खेला है। बल्लेबाज़ी में आयुष लोहारुका, विपिन सौरभ और पियूष कुमार सिंह पर अहम ज़िम्मेदारी होगी, जबकि गेंदबाज़ों से शुरुआती बढ़त दिलाने की उम्मीद रहेगी।
मणिपुर की वापसी की कोशिश
मणिपुर की टीम पटना में पिछली हार को पीछे छोड़ते हुए नए इरादों के साथ मैदान में उतरेगी। रेक्स राजकुमार सिंह की स्विंग गेंदबाज़ी और जोतिन सिंह का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम की बड़ी ताक़त माने जा रहे हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि खिलाड़ी फाइनल के दबाव में भी संयम और निरंतरता बनाए रखेंगे।
पिच और मौसम की भूमिका
पिच रिपोर्ट के अनुसार, सुबह की ओस और नमी से तेज़ गेंदबाज़ों को शुरुआती मदद मिलने की संभावना है। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, स्पिनरों की भूमिका अहम हो सकती है। मौसम साफ़ रहने का अनुमान है, जिससे पूरे मैच के नतीजे की उम्मीद की जा रही है।
दर्शकों के प्रवेश की अनुमति, पर मानेंगे नहीं
इस अहम मुकाबले के लिए दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश की आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि बिहार के क्रिकेट प्रेमी इसे दिल से स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं और वे मैदान के आसपास पहुंचकर अपनी टीम की हौसला-अफजाई करने की तैयारी में हैं।
मोइनुल हक स्टेडियम को मिलेगा कुछ वर्षों का विश्राम
मोईन-उल-हक स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिहाज़ से कुछ वर्षों के लिए विश्राम मिलने जा रहा है। कारण है स्टेडियम का प्रस्तावित पुनर्निर्माण। खबरों के अनुसार, अगले वर्ष से बिहार क्रिकेट संघ की मेजबानी में बीसीसीआई के घरेलू मुकाबले राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।