रांची, 17 नवंबर। बड़ौदा टीम के कप्तान प्रियांशु मौलिया (186 रन) अकेले बिहार टीम पर भारी पड़े और मेंस U-23 स्टेट ए ट्रॉफी एलीट एकदिवसीय मुकाबले में 155 रन की शानदार जीत दर्ज की। बिहार की यह लगातार पांचवीं हार है जबकि बड़ौदा की दूसरी जीत है।
बड़ौदा की पारी
यों तो बड़ौदा को शुरुआती झटके लगे। 26 रन पर दो विकेट गिर गए। बीच में दो झटके लगे पर अकेले कप्तान प्रियांशु मोलिया डटे रहे और उनका साथ दिया दीप एच पटेल और पवन पटेल ने।
4 रन के कुल स्कोर पर पहला विकेट गिर गया, जब विश्व चौधरी को वासुदेव प्रसाद सिंह ने कैच करवाया। लेकिन इस शुरुआती झटके के बाद कप्तान प्रियांशु मोलिया ने जिस तरह अपनी टीम की पारी को संभाला और आगे बढ़ाया, वह इस मैच की सबसे महत्वपूर्ण घटना बन गई।
मोलिया ने बेहद सतर्क शुरुआत की। गेंद की बाउंस, पिच की गति और बिहार के गेंदबाजों के शुरुआती लय को भांपते हुए उन्होंने पहले रक्षा मजबूत रखी। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने स्ट्रोक्स लगाना शुरू किया। उनकी पारी का सबसे बड़ा गुण था—लय बदलने की क्षमता। एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन मोलिया ने अपनी रफ्तार नहीं खोई।
कुल 186 रन की यह पारी नौजवान स्तर पर किसी भी बड़े मैच में दुर्लभ मानी जाएगी। इसमें 143 गेंदों पर खेले गए 15 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ स्कोर आगे बढ़ाया, बल्कि बिहार के गेंदबाजों की योजनाएं भी ध्वस्त कर दीं।
दीप एच पटेल का योगदान बेहद अहम रहा, जिन्होंने मोलिया के साथ मिलकर 138 रनों की साझेदारी की और पारी को 200 के पार पहुंचाया। दीप की 70 गेंदों पर 68 रन की पारी ने टीम को आवश्यक स्थिरता दी।
अंतिम ओवरों में पवन पटेल ने तेजी से रन जोड़े। 24 रन की उनकी छोटी लेकिन उपयोगी पारी ने बड़ौदा को 329/6 तक पहुंचा दिया। एक ऐसा स्कोर, जिसे किसी भी युवा स्तर की टीम को चेज करना मुश्किल होता है।
बिहार की गेंदबाजी में केवल उत्कर्ष कुमार ने किफायत दिखाई। उन्होंने 10 ओवर में 39 रन देकर 1 विकेट लिया। बाकी गेंदबाजों पर बड़ौदा के आक्रामक बल्लेबाजों ने कोई दबाव बनने नहीं दिया।
बिहार का लक्ष्य पीछा
330 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए आवश्यक था कि बिहार कम से कम शुरुआती 15 ओवर बिना बड़े नुकसान के पार करे, लेकिन ठीक इसके उलट बल्लेबाज शुरुआत से ही दबाव में दिखे।
प्रशांत कुमार ने कुछ आकर्षक चौके लगाकर टीम को तेजी से रन दिलाए, लेकिन 17 गेंदों में 19 रन बनाने के बाद वह भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। इसके बाद टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई।
फहीम अनवर ने हालांकि 52 गेंदों पर 41 रन बनाकर संघर्ष किया, परंतु साथी बल्लेबाजों के लगातार आउट होने से वह किसी भी समय अपने स्ट्रोक्स को आत्मविश्वास से खेल नहीं पाए।
कप्तान पृथ्वी राज, कुमार श्रेय, और आकाश राज जैसे बल्लेबाज सस्ते में आउट हुए। मध्यक्रम में आए दीपक और आर्यन ने विकेट जरूर संभाले, पर स्कोरबोर्ड की गति इतनी धीमी पड़ गई कि मैच बचाना ही मुश्किल हो गया।
निचले क्रम में आदित्य राज ने बेहतरीन जुझारूपन दिखाया। 46 रन की उनकी पारी टीम की ओर से सर्वाधिक थी, लेकिन यह प्रयास भी मैच की दिशा बदलने में नाकाम रहा। बिहार की पूरी पारी 43.1 ओवर में 174 रन पर समाप्त हो गई।
बड़ौदा की गेंदबाजी
बड़ौदा के तेज और स्पिन गेंदबाजों ने इस मैच में नियंत्रित और योजनाबद्ध प्रदर्शन किया। करन उमट्ट ने 10 ओवर में 3 मेडन डालते हुए तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए। उन्होंने नई गेंद से ही लाइन–लेंथ को शानदार बनाए रखा। यश तांदिल ने मिडल ओवरों में टीम को सफलता दिलाई और 31 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। कप्तान प्रियांशु मोलिया ने गेंद से भी योगदान दिया और 2 विकेट चटकाए।