पटना, 10 फरवरी। स्थानीय कुमार क्लब में रविवार यानी 9 फरवरी को आयोजित पटना फुटबॉल संघ (Patna Football Association) की कार्यकारिणी की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गए। बैठक की अध्यक्षता संघ के चेयरमैन समीर कुमार महासेठ ने की।
बैठक में लिये गए निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए पटना फुटबॉल संघ के अध्यक्ष राम ईश्वर प्रसाद उर्फ साधू गोप और सचिव मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि पटना फुटबॉल संघ के निबंधित सभी क्लब अपने खिलाड़ियों का पहले केंद्रीकृत पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) करायेंगे। बिना सीआरएस कराये पटना सीनियर डिवीजन लीग की शुरुआत नहीं होगी।
इन दोनों ने बताया कि सीआरएस कराने की अंतिम तिथि 20 मार्च निर्धारित की गई है। सीआरएस प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जिसमें संतोष कुमार सिंह, प्रशांत कुमार, सूर्यकांत और केके सिंह होंगे। यह कमेटी सभी क्लबों को इसके लिए प्रेरित करेंगे और उसकी मानेटरिंग करेंगे।
इन दोनों ने बताया कि पिछले सत्र 2023-24 में हुए सीनियर डिवीजन फुटबॉल लीग में अपने-अपने ग्रुप में निचले पायदान पर रही दो टीमें शकुंतला देवी एफसी और केके सिंह एफसी अगले सत्र में जूनियर डिवीजन लीग खेलेंगी।
जूनियर डिवीजन लीग में किये गए प्रदर्शन के आधार पर पटना एकेडमी और स्पोर्टिंग एफसी अगले सत्र में सीनियर डिवीजन लीग में हिस्सा लेंगी।
कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि चकिया में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में पटना की टीम हिस्सा लेगी।
पटना फुटबॉल संघ को खेल मैदान के आवंटन के लिए संघ के पदाधिकारी, पुराने व नये फुटबॉल दिग्गजों को मिला कर एक शिष्टमंडल बनाया जाए और यह शिष्टमंडल बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक से मिल कर अपनी बात को रखें।
बैठक में पटना फुटबॉल संघ के चेयरमैन समीर कुमार महासेठ, अध्यक्ष राम ईश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष श्याम बाबू राय, शिवशंकर प्रसाद, सुनील कुमार, रविशंकर प्रसाद, सचिव मनोज कुमार, कोषाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार, संयुक्त सचिव श्याम बाबू यादव, प्रशांत कुमार, सदस्य रमेश कुमार शर्मा, संजय दयाल, संतोष कुमार सिंह, तपन कुमार साहा, केके सिंह, नरेश पासवान, सूर्यकांत मौजूद थे।
क्या है सीआरएस
सीआरएस का फ़ुल फ़ॉर्म है – केंद्रीकृत पंजीकरण प्रणाली। यह फ़ुटबॉल खिलाड़ियों के पंजीकरण से जुड़ी एक प्रणाली है। एसोसिएशन के फ़ुटबॉल लीग मैचों में हिस्सा लेने के लिए खिलाड़ियों को सीआरएस कराना ज़रूरी होता है। सीआरएस कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र की फ़ोटोकॉपी, आधार कार्ड की फ़ोटोकॉपी की जरुरत होती है। सीआरएस में प्रोफ़ाइल की नकल करना अनुशासनात्मक उल्लंघन माना जाता है।