मुजफ्फरपुर, 28 जून। बिहार वूशु संघ की कार्यकारिणी सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक मुजफ्फरपुर जिले के होटल अतिथि में आयोजित की गई जिसमें कई महतवपूर्ण फैसले लिये गए। अगले महीने होने वाली खेलो इंडिया स्टेट वीमेंस लीग की मेजबानी पटना जिला को सौंपी गई।
यह बैठक संघ के अध्यक्ष डॉ. अमूल्य कुमार सिंह के विशेष आमंत्रण पर संपन्न हुई, जिसमें संगठनात्मक विषयों के साथ आगामी खेल आयोजनों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वाइस चेयरमैन डॉ.संजय श्रीवास्तव, सीनियर उपाध्यक्ष मुकुटमणि, डॉ. बी. प्रियम, पी.अमरेंद्र, कोषाध्यक्ष पवन कुमार साह, महासचिव सुमन मिश्रा, संयुक्त सचिव सुनील कुमार तथा कार्यकारिणी सदस्य सोनू साह, आलोक कुमार एवं प्रियंका देवी सहित स्पोर्ट्स फिजिशियन रिटायर्ड कर्नल डॉ. विवेकानंद उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही ।
खिलाड़ियों और पदाधिकारियों के लिए आचार संहिता पर चर्चा
बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी खिलाड़ी, कोच या जिला सचिव को यदि किसी प्रकार की समस्या होती है तो उसे पहले संबंधित समिति को सूचित करना अनिवार्य होगा। समिति द्वारा तय समय सीमा के भीतर उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में ही अगली कार्यवाही की जा सकेगी। समय से पूर्व या समिति को सूचित किए बिना किसी प्रकार की स्वतंत्र कार्यवाही करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध अनुशासनात्मक समिति कार्यवाही कर सकेगी।
भोजपुर जिला संघ की अनुपस्थिति पर नाराज़गी
बैठक में भोजपुर जिला वूशु संघ के अध्यक्ष और सचिव को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, ताकि उनके जिले से संबंधित समस्याओं को सुना और सुलझाया जा सके। हालांकि भोजपुर से कोई भी प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में होने वाली अगली बैठक के लिए भोजपुर जिला संघ को लिखित रूप से सूचना भेजी जाएगी और उनकी उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी।
खेलो इंडिया विमेंस स्टेट लीग की जिम्मेदारी पटना को
बैठक में आगामी जुलाई माह में प्रस्तावित ‘खेलो इंडिया वीमेंस स्टेट लीग’ पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस आयोजन की मेजबानी की जिम्मेदारी पटना वूशु संघ को सौंपी गई है। यह प्रतियोगिता राज्य की महिला खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी।
वूशु के विकास पर गहन विमर्श
बैठक के दौरान राज्य में वूशु खेल के सर्वांगीण विकास , संरचनात्मक मजबूती और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए आवश्यक उपायों पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
धन्यवाद ज्ञापन
बैठक का समापन डॉ.बी. प्रियम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया, जिन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों के योगदान और सकारात्मक सहभागिता के लिए आभार प्रकट किया।


