रांची, 30 अगस्त। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित डी ए वी नंदराज पब्लिक स्कूल बरियातू, महात्मा नारायण दास ग्रोवर डीएवी पब्लिक स्कूल बुंडू और डी ए वी नंदराज मोडर्न स्कूल लालपुर के बीच आयोजित 600 खिलाड़ियों और 2000 दर्शक बच्चों के साथ फिर मिलेंगे इस वादा के साथ खेल महोत्सव सम्पन्न हो गया।
इस खेल महोत्सव में डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल बरियातू ओवर ऑल चैंपियन बना। महात्मा नारायण दास ग्रोवर डीएवी पब्लिक स्कूल, बुंडू दूसरे जबकिडीएवी मोडर्न स्कूल, लालपुर तीसरे स्थान पर रहा।
इस समारोह में आर्य ज्ञान प्रचार समिति के प्रधान एस एल गुप्ता जी ,आर्यसमाज रांची के आजीवन संरक्षिका श्रीमती सुशीला गुप्ता जी, डीएवी नंदराज स्कूल के प्रधान प्रेम प्रकाश आर्य, ए जी पी एस के सदस्य सह पूर्व निदेशक डीएवी स्कूल्स एल आर सैनी, आर्यसमाज के प्रधान राजेन्द्र आर्य, कोषाध्यक्ष संजय पोद्दार, एजीपीएस के सदस्य अशोक भाटिया, सुनील गुप्ता इस महोत्सव के प्रेसिडेंट अजय आर्य, सचिव डॉ संजय जैन, दीपक कुमार, प्रिंसिपल,ए डी ग्रोवर डीएवी पब्लिक स्कूल, बुंडू, श्रीमती झुंपा सिंह, प्राचार्या, डी ए वी मोडर्न स्कूल लालपुर आदि शहर के अनेक गणमान्य लोग, विभिन्न स्थानों स्कूलों के प्राचार्य गण, अभिभावक गण, सीनियर सिटीजन होम के सदस्य गण इत्यादि उपस्थित रहे।
बच्चों को संबोधित करते हुए डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल,बरियातू के प्राचार्य डा. रवि प्रकाश तिवारी ने कहा कि यह तीनों विद्यालयों के खेल का महाकुंभ था । कहते हैं एक बार एक लड़का स्वामी विवेकानंद से गीता सीखने आया। स्वामी जी ने कहा छह महीने फुटबॉल खेलों, परोपकार करो फिर गीता सिखा दूंगा। लड़के ने कहा गीता और फुटबॉल में क्या संबंध है ? स्वामी जी ने कहा यह गहरा ज्ञान है जो फुटबॉल खेल कर विजयी नहीं हो सकता, वह गीता क्या सीखेगा ? वही लड़का बाद में सत्येन्द्र बनर्जी बना और गीता का बंगला में अनुवाद किया।
खेल एक कर्म का सिद्धान्त है जैसा करोगे वैसा पाओगे। जो छूट गए वे परिश्रम से अगले वर्ष आगे होंगे अतः परिश्रम और खूब सही दिशा में परिश्रम करें। सफलता अवश्य मिलेगी। हम आगे और बड़े आकार में इसे मनाएंगे। हमारी शुभकामनाएं आपको, आपके परिवार को, विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी है। उनके परिश्रम की हम सराहना करते हैं।
ए जी पी एस और माइका के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ जिसमें माइका विजयी रहा। संजय जैन जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में राष्ट् गान के साथ कार्यक्रम समाप्त हो गया।