क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (Cricket Association of Bengal) ने विवादित दस्तावेजों के साथ पहचाने जाने वाले 65 खिलाड़ियों के साथ दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को लेकर कड़ी कार्रवाई की है ।
संघ के सेक्रेटरी स्नेहाशीष गांगुली और अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में सीएबी अध्यक्ष अभिषेक डालमिया की अध्यक्षता में एक आपात बैठक में अपेक्स काउंसिल के सामने रखा गया था। परिषद ने इस संबंध में एसोसिएशन द्वारा उठाए गए कदमों को आगे बढ़ाया।
65 खिलाड़ियों की पहचान और विवादों को सुलझाने तक 45 खिलाड़ियों को आगे भागीदारी से रोक दिया गया है।
इस मामले को ओम्बडसमैन को बताया दिया गया है और इस गलत प्रणाली को रोकने के लिए अन्य कठोर उपाय किए जा रहे हैं । Ombudsman से पहले खिलाड़ियों को सफाई देने का मौका दिया जाएगा। सीएबी ने खिलाड़ियों के लिए एक अनोखा बायोमेट्रिक कोड बनाने की भी योजना बनाई है।
अभिषेक डालमिया ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि दस्तावेज धोखाधड़ी पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी होगी। इस उद्देश्य से बनाए गए सत्यापन सेल की पूरी जांच के बाद 65 खिलाड़ियों को विवादित दस्तावेजों के साथ पाया गया। अगले सत्र के प्रारंभ से पहले सत्यापन प्रक्रिया का एक और दौर होगा।
सचिन स्नेहाशीष गांगुली ने कहा कि हम किसी भी प्रकार से विवादित दस्तावेज बर्दाश्त नहीं करेंगे। आगे के उपायों पर विचार किया जा रहा है और भविष्य की धोखाधड़ी को रोकने के लिए सिस्टम पर एक सख्त सतर्कता रखी जा रही है।
काउंसिल ने भी सीएबी के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार किया कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी खिलाड़ियों को सीजन शुरू होने से पहले टीका लगाया जाना होगा। सीएबी 18 से नीचे के लोगों को टीका लगाने और तदनुसार आयु समूह के क्रिकेटरों को और प्रक्रिया शुरू होने पर राज्य के निर्देश पर भी करीब से नजर रखेगा।