चेन्नई। भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण का कहना है कि गेंदबाज शुरुआत से ही गेंद को चमकाने के लिए गेंद पर मुंह की लार का इस्तेमाल करते आए हैं लेकिन अब उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करने की आदत डालनी होगी।
पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की तकनीकी समिति ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए गेंद पर मुंह की लार के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया था जिसे हाल ही में आईसीसी ने मंजूरी दी थी।
अरुण ने स्टार स्पोटर्स 1 के तमिल शो क्रिकेट कनेक्टेड में कहा, “गेंदबाज जब गेंद पकड़ते हैं तो उन्हें गेंद को चमकाने के लिए मुंह की लार के इस्तेमाल करने की आदत है। लेकिन इस पर प्रतिबंध लगने के बाद गेंदबाजों को इसका इस्तेमाल नहीं करने की आदत डालनी होगी।
अरुण ने भारत को पहली बार विश्वकप दिलाने वाले कप्तान पूर्व तेज गेंदबाज कपिल देव की सराहना की। उन्होंने कहा, “कपिल देव स्वाभाविक रूप से प्रतिभाशाली थे। वह एक शानदार एथलीट हैं। उन्होंने अपने समय में वैसी ट्रेनिंग नहीं की जैसा आज के तेज गेंदबाज करते हैं। वह वैसी ट्रेनिंग लेते थे जो उनके लिए मददगार हो।
उन्होंने कहा, “आज के समय में पहले की तुलना में क्रिकेट में काफी चीजें इस्तेमाल होने लगी है। लेकिन कपिल देव जैसा बेहतरीन खिलाड़ी जो कई वर्षों तक खेला है वैसा होना बेहद शानदार है। वह एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं।”
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