Wednesday, February 4, 2026
Home Slider बिहार क्रिकेट : कानून में नहीं, साहेब की लाइन में रहें नहीं कर दिये जायेंगे साइडलाइन

बिहार क्रिकेट : कानून में नहीं, साहेब की लाइन में रहें नहीं कर दिये जायेंगे साइडलाइन

by Khel Dhaba
0 comment
विकास कुमार

पटना। साहेब ने तो बड़ा फास्ट निर्णय लिया। निर्णय तो फास्ट लिया पर कानून को ताक पर। अगर ऐसा फास्ट निर्णय बिहार में क्रिकेट संचालन के लिए ले लिया होता तो चार चांद लग जाता है पर वहां तो कछुआ की चाल चलने की आदत है। कारण है क्रिकेट से तो कोई मतलब है, मतलब तो केवल क्रिकेट की राजनीति से। कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सह कार्यवाहक सचिव कुमार अरविंद के हटाने के बाद बिहार क्रिकेट जगत से आ रही है।

क्रिकेट जानकारों का कहना है कि कुमार अरविंद पर बीसीए के कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ने संघ विरोधी काम करने का आरोप जड़ा है। संघ विरोधी काम यही होता है कि सच्चाई के लिए लड़ना। सही से सेलेक्शन प्रक्रिया की बात कहना क्या संघ विरोधी कार्य होता है। अभी तक की स्थिति में कुमार अरविंद ने हमेशा बिहार क्रिकेट संघ के बारे में अपना पक्ष रखा है। जब भी किसी ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के बारे में कुछ बोला तो कुमार अरविंद ने बीसीए का पक्ष जोरदार तरीके से रखा।

दूसरा आरोप उन पर लगाया गया है सीईओ से गलत आचरण का। ऐसे कई शिकायत बिहार क्रिकेट संघ के पास पहले भी कई आये होंगे पर उस मामले में तो बीसीए की कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ने इतनी तत्परता नहीं दिखाई। ताजा उदाहरण है फीजियो के ऑडियो वायरल होने का मामला। उसमें दोनों पक्षों को पहले अपनी बात रखने का मौका दिया गया और निर्णय क्या हुआ पता नहीं। दूसरी बात यह है कि अगर सीईओ ने अपने साथ हुए गलत आचरण की शिकायत बीसीए के पास की। इसके बाद दोनों पक्षों से अपनी बात रखने को कहा जाता और उसके बाद कमेटी ऑफ मैनेजमेंट फैसला लेकर लोकपाल को अवगत करा देता। क्या इस बात पर ध्यान दिया गया कि कुमार अरविंद ने सीईओ के साथ जो दुर्व्यहार किया उसकी नौबत कैसे आई। उसमें किसी की गलती थी। हालांकि कुमार अरविंद ने जो किया वह सरासर गलत है पर दोनों पक्षों को देख कर फैसला किया जाना चाहिए। पर यहां तो मकसद कुछ और बस बहाने की जरुरत थी। बहाना मिला और साइडलाइन कर दिया गया।

अब बात उस बैठक की जिसमें इस फैसले को अंजाम दिया गया। बीसीए के मीडिया प्रभारी जो रिलीज जारी किया है उसके अनुसार इस बैठक में बीसीए अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी, कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन सिंह, जिला प्रतिनिधि संजय कुमार सिंह, टूर्नामेंट कमेटी के चेयरमैन संजय सिंह, गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन सोना सिंह, फिनाइनंस कमेटी के चेयरमैन प्रत्यक्ष रूप से जबकि कुछ अन्य सदस्य इस आपातकालीन बैठक में वेबीनार के माध्यम से जुड़े थे।

एक तरफ बीसीए कहता है कि कमेटी ऑफ मैनेजमेंट का फैसला है। क्या गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन, टूर्नामेंट कमेटी के चेयरमैन और फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन सीओएम में आते हैं। क्या हाल के दिनों में बीसीए के सीओएम की परिभाषा बदल गई है। कुछ अन्य सदस्य वेबिनार से जुड़े थे वह कौन थे। इस बात का जिक्र कहीं रिलीज में नहीं किया गया है। सबसे अहम बात है कि यह मामला लीगल का था तो लीगल कमेटी को क्यों नहीं पूछा गया। लीगल कमेटी केवल कागज पर रहने के लिए है क्या।

बिहार के क्रिकेट के दिग्गजों का कहना है कि एक अहम सवाल यह कि कुमार अरविंद को कार्यवाहक सचिव सीओएम ने नहीं बनाया था। उन्हें इस पद पर एजीएम में लिये गए फैसले के बाद बैठाया गया था और उन पर कुछ भी निर्णय लेने का अधिकार सीओएम नहीं एजीएम के पास है। इसीलिए यह फैसला पूरी तरह से असंवैधानिक है। इस फैसले से हिटलरशाही की बू आ रही है।

बीसीए के कई वरीय पदाधिकारियों का कहना है कि यहां लोगों को टारगेट कर निशाना साधा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें पहले मानसिक तौर पर तंग तौर पर किया जाता है। उनके आदेशों को बड़े साहेब के आदेश पर बीसीए में कार्यरत पदाधिकारी इग्नोर करते हैं। इसी कड़ी में कई पदाधिकारियों का ईमेल ब्लॉक कर दिया गया। मानसिक तौर पर तंग होने के बाद वैसे अधिकारी अपना आपा खो बैठते हैं और कुछ कर बैठते हैं।

क्रिकेट दिग्गजों से आ रही प्रतिक्रिया से यही दिखता है कि वर्तमान समय में बिहार क्रिकेट जगत में अगर आप साहेब की लाइन में हैं यानी उनकी बातों में हां में हां मिला रहे हैं तो आपके बल्ले-बल्ले और अगर कहीं आप कानून की राह पकड़ कर वेलाइन हुए तो आपको हमेशा के लिए साइडलाइन कर दिया जायेगा।

You may also like

Leave a Comment

खेलढाबा.कॉम

खेलढाबा.कॉम, खेल पत्रकार की सोच और बहुत सारे खेल प्रेमियों के सुझाव व साथ का परिणाम है। बड़े निवेश की खेल वेबसाइट्स की भीड़ में खेलढाबा.कॉम के अलग होने की यह भी एक बड़ी वजह है। तो, जिले-कस्बों से बड़े आयोजनों तक की कवरेज के लिए जुड़े रहें खेलढाबा.कॉम से।

Newsletter

Subscribe my Newsletter for new blog posts, tips & new photos. Let's stay updated!

Laest News

@2025 – All Right Reserved.

Verified by MonsterInsights